रोज दस मिनट के मेडिटेशन से मानसिक शांति

रोज दस मिनट के मेडिटेशन से मानसिक शांति मिलने का दावा
- रिसर्च में हुआ साब‍ित

By: ASHOK SINGH RAJPUROHIT

Published: 07 Sep 2021, 12:35 AM IST

चेन्नई. भारत में मेड‍िटेशन यानि ध्‍यान पर जोर दिया गया है। आज भी भारत में लोग मानसिक शांति और अपने आंतरिक विकास के लिए ध्‍यान का सहारा लेते हैं, लेकिन यह बात अब एक रिसर्च से भी साब‍ित हो गई है।
मेडिटेशन एकाग्रता बढ़ाने का काम करता है। रिसर्च में यह बात सामने आई है। आठ सप्ताह तक रोजाना मेडिटेशन करने वाले 10 स्टूडेंट्स पर वैज्ञानिकों ने रिसर्च की। ये स्टूडेंट्स सप्ताह में 5 दिन रोजाना 10 मिनट तक मेडिटेशन करते थे। रिसर्च के बाद इन स्टूडेंट्स के ब्रेन की स्कैनिंग की गई। स्कैनिंग रिपोर्ट में सामने आया कि इससे ब्रेन में ऐसे बदलाव होते हैं जो एकाग्रता को बढ़ाते हैं।
रिसर्च करने वाली न्यूयॉर्क की बिंगहैम्प्टन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है, मेडिटेशन ब्रेन के उन दो कनेक्शन को जोड़ता है जो एकाग्रता के साथ सोचने और ध्यान लगाने के लिए प्रेरित करता है। इस रिसर्च के नतीजे कम्प्यूटर नीति विशेषज्ञ जॉर्ज वेंसचेंक और न्यूरोइमेजिंग एक्सपर्ट के बीच हुई बातचीत और एक प्रयोग के आधार पर जारी किए गए हैं। डॉ. वेंसचेंक लम्बे समय से मेडिटेशन कर रहे हैं और न्यूयॉर्क की नामग्याल मोनेस्ट्री में रिसर्च कर रहे हैं। इस मोनेस्ट्री का कनेक्शन जाने-माने अध्यात्मिक गुरु दलाई लामा से है।

ध्यान कैसे लगाते हैं
इसके लिए डॉ. वेंसचेंक ने आठ सप्ताह तक 10 स्टूडेंट्स पर रिसर्च की। रिसर्च से पहले और बाद में इन स्टूडेंट्स की एमआरआई की। एमआरआई के जरिए दिमाग के पैटर्न को समझा गया। रिपोर्ट से पता चला कि मेडिटेशन पर रिसर्च से पहले उनका दिमाग एकाग्र नहीं था। रिसर्च के बाद दिमाग में एकाग्रता बढ़ती हुई दिखाई दी। ध्यान कैसे लगाते हैं, इसकी शुरुआत कैसी करनी है, क्या फर्श पर बैठना चाहिए, क्या ऐप की मदद लेनी चाहिए, कोई मंत्र का जाप करना चाहिए, समेत कुछ ऐसी ही बातों पर इसमें बल दिया गया है।

ASHOK SINGH RAJPUROHIT
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