Tamilnadu: वल्लूरकोट्टम में भी गहराया जल संकट

Tamilnadu: वल्लूरकोट्टम में भी गहराया जल  संकट
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Dhannalal Sharma | Updated: 13 Sep 2019, 04:55:04 PM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

वल्लूरकोट्टम (Vallurkottam) में ही मेट्रो वाटर फिलिंग स्टेशन (Metro Water Filling Station) भी बना हुआ है जहां से महानगर के अन्य इलाकों में पानी की सप्लाई (Water Supply) की जाती है।

चेन्नई. महानगर के पॉश इलाकों में शामिल है वल्लूरकोट्टम। इलाके को किसी परिचय की जरूरत नहीं है। शहर के जाने-माने इलाकों में शामिल है। सुविधाओं के लिहाज से देखें तो वल्लूरकोट्टम में ही मेट्रो वाटर फिलिंग स्टेशन भी बना हुआ है जहां से महानगर के अन्य इलाकों में पानी की आपूर्ति की जाती है। दुर्भाग्य की बात है कि यह इलाका अन्य इलाकों को पानी पिलाता लेकिन इसी इलाके के लोग जल संकट का सामना कर रहे हैं। यहां पानी का संकट इतना अधिक बढ़ गया है कि लोगों को हमेशा वाटर टैंकर के आने का इंतजार रहता है। जब वाटर टैंकर आए और कब पानी मिले ताकि उनके घर का कामकाज शुरू हो सके।
दिनभर गुजर जाता है पानी भरने में
वल्लूरकोट्टम इलाका नुंगम्बाक्कम से जुड़ा हुआ है। नुंगम्बाक्कम की कई स्ट्रीट्स में भी पानी का घोर संकट है। यहां की जंबूलिंगम स्ट्रीट, वेलायुदम स्ट्रीट, टैंक बुंड रोड, वेंकट पेरुमाल स्ट्रीट, सुब्रायन स्ट्रीट, आरआर नगर, कृष्णापुरम आदि की यह हालत है कि लोगों का सुबह से शाम तक अधिकतर समय पानी के इंतजार एवं भरने में ही गुजर जाता है। इन इलाकों में जलल संकट का मूल कारण है बोरेवेल का पानी सूख जाना एवं मेट्रो वाटर की आपूर्र्ति नहीं होना। यहां के लोग बारिश का पानी का संग्रह करने के लिए दर्जनों प्लास्टिक के ड्रम अपने घर के नीचे रखे हुए हैं जिसका जरूरत के अनुसार उपयोग करते हैं।
चुकाते हैं प्रति घड़ा सात रुपए
वेंकट पेरुमाल स्ट्रीट निवासी जे. अमृता का कहना था कि मेट्रो वाटर हर दिन नहीं आता। इसके कारण वल्ल्ूारकोट्टम फिलिंग स्टेशन जाकर वाटर टैंकर बुक करवाते हैं। इस टैंकर का भुगतान कॉलोनी के कई परिवार आपस में मिलकर प्रति केन ७ रुपए की दर से एकत्रित कर चुकाते हैं। वहीं पुष्पानगर निवासी आर. दुलारीदेवी का कहना था कि भले ही पूरे महानगर में गत माह से लगातार बारिश जारी है लेकिन बारिश का असर इस इलाकों में कतई नहीं हुआ है।
बोरेवेल भी पानी नहीं दे रहे हैं
गत माह से लगातार महानगर में कहीं-कहीं बारिश इलाके में कुओं में भी पानी चढ़ा ही नहीं है, बोरेवेल भी पानी नहीं दे रहे हैं। मार्च से लेकर अब तक वाटर टैंकर के भरोसे ही काम हो रहा है। पूरे दिन ही उनको वाटर टैंकर का इंतजार रहता है। इसका कारण यह है कि घर में दिनभर में कम से कम १० घड़े पानी खपता है, यदि इतना पानी नहीं मिले तो घर का काम आगे नहीं बढ़ता। जंबूलिंगम स्ट्रीट निवासी आर सोमसुंदरम का कहना था कि बारिश तो हुई लेकिन इस इलाके में पानी का संग्रहण नहीं हो सका है।
समय से नहीं आता वाटर टैंकर
भूजल स्तर अभी भी जस का तस है, इसलिए बिना टैंकर मंगाए पानी की समस्या हल नहीं हो पा रही। वेलायुदम स्ट्रीट निवासी जी. देवेंद्र का कहना था कि एक तो पानी की मांग अधिक है, दूसरे मेट्रो फिलिंग स्टेशन के अधिकारी भी इस मौके का फायदा उठाते हैं। वे भी मौका देखकर टैंकर की दर बढ़ाकर वसूलते हैं। इसके अलावा पहले अपार्टमेंट्स, होटल और पॉश इलाकों में जलापूर्ति करते हैं। उसके बाद ही गरीबों की बस्ती में आपूर्ति करते हैं, जबकि सबसे पहले पानी की आपूर्ति उन इलाकों में होनी चाहिए, जिनमें लोगों की पानी खरीदने की हैसियत नहीं है।
समय से नहीं दैनिक कार्य
न्यू टैंक रोड निवासी एन. चित्रा का कहना थ कि वल्ल्ूारकोट्टम और स्कूल रोड के आसपास की बस्तियों के लोग गत छह माह से पानी की कमी का सामना कर रहे हैं, पानी की कमी के चलते बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते, क्योंकि पानी नहीं होने के कारण वे न तो समय पर स्नान कर पाते हैं और न ही उनके मां बाप समय पर भोजन बना पाते हैं। उनका कहना था कि जो बारिश अब तक हुई है उससे न तो भूजल स्तर में सुधार हुआ है और न ही कुएं में पानी की मात्रा बढ़ी है। बहरहाल वल्ल्ूारकोट्टम और आसपास के इलाकों में पानी की किल्लत से आमजन बेहद परेशान है।

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