मिड डे मील योजना में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने के मामले में अगली सुनवाई 27 को

कोविड-19 के दौरान मिड डे मील योजना का लाभ बच्चों को दिलाने के लिए

By: Ashok Rajpurohit

Published: 20 Jul 2020, 10:05 PM IST

चेन्नई. कोविड-19 के दौरान मिड डे मील योजना के तहत बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए सरकार को निर्देश देने वाली याचिका में मद्रास हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 27 जुलाई मुकर्रर की है। मद्रास हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएसन की एक पदाधिकारी व अधिवक्ता आर. सुधा ने अपनी याचिका में कोविड-19 के दौरान मिड डे मील योजना का लाभ बच्चों को दिलाने के लिए तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिलाने की मांग की थी। न्यायाधीश एमएम सुन्दरेश व न्यायाधीश आर. हेमलता की पीठ ने यह निर्णय सुनाया। सरकारी अधिवक्ता ने कहा कि मिड डे मील के तहत आपूर्ति के तरीकों के लिए कुछ मोहलत की मांग की। पीठ ने एक अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यह सरकार के लिए सुनवाई का अंतिम मौका होगा। इसके लिए वह जल्द व्यवस्था करें।

अम्मा कैंटीन में भोजन
याचिकाकर्ता वकील ने दलील दी कि पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की योजना के तहत महानगर की अम्मा कैंटीन में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है लेकिन वह कोविड-19 से लडऩे के लिए इम्युनिटी वाला नहीं है। याचिकाकर्ता ने कहा कि मिड डे मील योजना सरकारी स्कूलों में बच्चों को दोपहर भोजन के लिए शुरू की गई है। इन दिनों स्कूलें बन्द हैं। ऐसे में उन बच्चों के लिए पोषणयुक्त भोजन की समस्या हो गई है जो मिड डे मील पर आधारित थे। याचिका में कहा कि स्कूलों में बच्चों को अंंडे मुहैया कराए जा रहे थे जो पौष्टिक है। याचिका में कहा कि इन दिनों शिक्षण संस्थान बन्द होने के चलते उन घरों में ऐसा पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएं जहां जरूरत है। राज्यभर में 48.57 लाख बच्चे इस योजना का लाभ ले रहे थे। अब इस महामारी में बच्चो को पौष्टिक युक्त भोजन की अधिक जरूरत है। ताकि वे इम्युन सिस्टम को मजबूत कर सकें।

Ashok Rajpurohit
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