मुरासोली भूमि प्रकरण डीएमके ने पोन राधाकृष्णन को दस्तावेज देने की दी चुनौती

But even after making this clear, BJP leaders are questioning this issue.

लेकिन इतना स्पष्ट करने के बाद भी भाजपा नेता इस मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं

मुरासोली भूमि प्रकरण
डीएमके ने पोन राधाकृष्णन को दस्तावेज देने की दी चुनौती
चेन्नई. भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पोन. राधाकृष्णन के दावे, जिसमें उन्होंने कहा था कि डीएमके मुखपत्र मुरासोली कार्यालय पंचमी भूमि पर बनी है, के बाद डीएमके संगठन सचिव आर. एस. भारती ने सोमवार को राधाकृष्णन से दस्तावेज देकर आरोप को साबित करने की चुनौती दी। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा डीएमके ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि सही समय और सही जगह पर मुरासोली कार्यालय के संबंधित दस्तावेज प्रदान किए जाएंगे।

 

-हजारों लोगों ने नौकरी गवां दी

लेकिन इतना स्पष्ट करने के बाद भी भाजपा नेता इस मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राधाकृष्णन को मुरासोली पर सवाल करने के बजाय भाजपा से विमुद्रीकरण के बारे में सवाल करना चाहिए, जिसकी वजह से हजारों लोगों ने नौकरी गवां दी और देश की अर्थव्यवस्था नीचे चली गई। उल्लेखनीय है कि इस मामले में अनुसूचित जाति के राष्ट्रीय आयोग ने मुरासोली के एमडी को १९ नवंबर से पहले पहले आयोग के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है। वहीं हाल ही में राधाकृष्णन ने कहा था कि वर्ष १८९२ में ब्रिटिश शासन के दौरान पंचमी भूमि अनुसूचित जाति के लोगों को दान में दी गई थी। पंचमी भूमि को ना तो बेचा जा सकता है और न ही पुनर्वीकरण किया जा सकता है। लेकिन डीएमके मुखपत्र मुरासोली कार्यालय पंचमी भूमि पर बना दी गई है।

Vishal Kesharwani
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