कोरोना महामारी के बीच निर्धारित ऑनलाइन परीक्षा का एनआईटी तिरुचि के विद्यार्थियों ने किया विरोध

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) तिरुचि के विद्यार्थियों ने कोरोना महामारी को रोकने के लिए जारी लॉकडाउन के बीच संस्थानों द्वारा ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने का विरोध किया है।

By: Vishal Kesharwani

Published: 30 Jun 2020, 08:52 PM IST


चेन्नई. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) तिरुचि के विद्यार्थियों ने कोरोना महामारी को रोकने के लिए जारी लॉकडाउन के बीच संस्थानों द्वारा ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने का विरोध किया है। विद्यार्थियों का कहना है कि कोरोना के प्रसार को रोकने को लेकर मार्च में शुरू हुए लॉकडाउन की वजह से काफी विद्यार्थियों की किताबे, लैपटॉप और अन्य आवश्यक सामग्री कॉलेज छात्रावास में ही छूट गई हैं जिससे उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा काफी विद्यार्थियों का कहना है कि उनके पास ऑनलाइन परीक्षा देने के लिए घर पर तकनीकि सहायता नहीं है। अनिवासी भारतीय (एनआरआई) और फ्रंटलाइन कर्मचारियों के विद्यार्थियों का कहना है कि महामारी के बीच परीक्षा की घोषणा उनके लिए अतिरिक्त चिंता का विषय बन गई है। सोमवार को विद्यार्थियों को लिखे एक पत्र में एनआईटी तिरुचि की निदेशक मिनी शाजी थॉमस ने कहा अन्य एनआईटी, जिन्होंने परीक्षाएं पूरी कर ली हैं, की तरह एनआईटी तिरुचि ने भी परीक्षा लेने का तय किया है। अंतिम मूल्यांकन केवल दो घंटे की अवधि के लिए 30 प्रतिशत ेवेटेज की एक खुली पुस्तक परीक्षा होगी। इसके अलावा 70 प्रतिशत वेटेज के अंतरिम मूल्यांकन के लिए हमने कुछ विद्यार्थियों द्वारा ग्रुप प्रोजेक्ट, सेमिनार और क्वीज के दिए गए सुझाव को ध्यान में रखते हुए अनुमति दी है। निदेशक ने कहा कि अगर वार्डो मेंं परीक्षा लिखने को लेकर किसी प्रकार की समस्या होगी तो विद्यार्थियों को कॉलेज खुलने के बाद कैंपस में परीक्षा लिखने की अनुमति दी जाएगी।

 


-विद्यार्थियों के विचार को नहीं जाना
हालांकि विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि जुलाई में परीक्षा शुरू करने से पहले कॉलेज ने विद्यार्थियों के विचार को नहीं जाना। संस्थान के एक विद्यार्थी ने कहा मैने अपनी किताबें, लैपटॉप और अन्य सामग्री कॉलेज में ही छोड़ दी है और वर्तमान वातावरण ऑनलाइन परीक्षा के लिए अनुकूल नहीं है। कई विद्यार्थी खराब कनेक्टिविटी वाले स्थानों पर हैं जिससे परीक्षा की तैयारी करना और लिखना संभव नहीं होगा। ऑनलाइन परीक्षा छोडऩा और कॉलेज के फिर से खुलने तक का इंतजार करने से विद्यार्थियों का तनाव बढ़ेगा। अगले सेमेस्टर में विद्यार्थियों को अधिक परीक्षा लिखनी पड़ जाएगी। शरीरिक रूप से लैब में मौजूद हुए बिना ऑनलाइन लैब परीक्षा का भी कोई मतलब नहीं निकलेगा। इस मामले पर पूछे जाने पर मिनी थॉमस ने कहा विद्यार्थियों को ऑनलाइन परीक्षा लिखने का विकल्प है। इसके लिए कुछ छात्रों को कॉलेज परिसद से नोट्स भी दिए जाएंगे।

 


-अभिभावकों व विद्यार्थियों ने ही परीक्षा आयोजित करने की बात कही थी
थॉमस ने कहा कि अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए सफलतापूर्वक परीक्षा आयोजित करने की वजह से सीनेट ने जूनियर वर्ष के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा आयोजित करने का तय किया। छात्रों के लिए आराम से दो घंटे के लिए परीक्षा आयोजित की गई और उत्तर पुस्तिका अपलोड करने के लिए उन्हें 45 मिनट का समय भी दिया गया। छात्रों को सक्रिय इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत नहीं हुई और 99.९ प्रतिशत विद्यार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम अभी भी घोषित नहीं हुआ है लेकिन विभिन्न कंपनी प्लेसमेंट देने के लिए तैयार हो गई हैं। यही कारण है कि परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। हम नहीं चाहते कि परीक्षा आयोजित नहीं कर अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को प्लेसमेंट से दूर करें। जूनियर वर्ष के विद्यार्थियों के लिए थॉमस ने कहा प्रबंधन ने उन्हें दो विकल्प दिया है, जिसमें ऑनलाइन परीक्षा लिखना या कॉलेज खुलने के बाद परीक्षा लिखना शामिल है। काफी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने हम लोगों से ऑनलाइन परीक्षा कराने का आग्रह किया था, क्योंकि अगला टर्म अगस्त से ही शुरू होता है। वे लोग इस परीक्षा को अगले शैक्षणिक वर्ष तक लेकर जाना नहीं चाहते हैं। छात्रों के पास पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता नहीं होने वाली रिपोर्ट पर थॉमस ने कहा कि 200 से अधिक विद्यार्थी अभी भी छात्रावास में ही हैं इसलिए अन्य छात्र अपने दोस्तों से नोटबुक प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा जानकारी मिलने के बाद विद्यार्थियों को बुक कोरियर भी कर दी जाएगी। हालांकि तीन हजार विद्यार्थियों को बुक नहीं भेजा जा सकता है, लेकिन सहायता किया जा सकता है। विद्यार्थियों के लाभ के लिए ऑनलाइन अध्ययन सामग्री भी बनाई गई है। काफी विद्यार्थी प्रबंधन के इस प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं है और सोशल मीडिया पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

Vishal Kesharwani
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