केरल में जीका वायरस के मामलों ने बढ़ाई चिंता, तमिलनाडु में एक भी मामला नहीं

तमिलनाडु सरकार वायरस के प्रकोप से बचने के लिए कड़ी निगरानी कर रही है।

By: PURUSHOTTAM REDDY

Updated: 12 Jul 2021, 04:48 PM IST

चेन्नई.

केरल में जीका वायरस के बढ़ते मामलों ने तमिलनाडु सरकार की चिंता बढ़ा दी है। केरल में जीका वायरस के तीन और मामले सामने आए हैं जिसके बाद राज्य में कुल मामलों की संख्या 18 हो गई है। नए तीन संक्रमित मामलों में एक बच्चा भी शामिल है।

इस बीच तमिलनाडु सरकार राज्य में जीका वायरस के संक्रमण की किसी भी संभावना से बचने के लिए कदम उठा रही है। तमिलनाडु के चिकित्सा एवं परिवार कल्याण मंत्री मा सुब्रमण्यन ने सोमवार को कहा कि तमिलनाडु में अभी तक जीका वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है। केरल से राज्य में आने वाले लोगों में वायरस की जांच की जा रही है।

केरल में जीका वायरस के मामले सामने आने के बाद जीका वायरस के मामलों की जांच के लिए केरल सीमा के पास कुल 2,660 घरों का निरीक्षण किया गया। अब तक जीका वायरस के किसी भी पॉजिटिव मामले की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि केरल से आने वाले लोगों का पिछले 3-4 दिनों से टेस्ट किया जा रहा है और इसके प्रसार को रोकने के लिए सीमावर्ती जिलों में कड़ी चौकसी बरती जा रही है।

एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने इससे पहले शनिवार को जीका वायरस के प्रकोप की घोषणा के बाद तमिलनाडु-केरल सीमा पर वाहनों की जांच तेज करने का आदेश दिया था। तमिलनाडु सरकार वायरस के प्रकोप से बचने के लिए कड़ी निगरानी कर रही है। वालयार और मीनाक्षीपुरम में 14 पॉइंट्स और चेक पॉस्ट पर वाहन जांच कर्मियों को जोड़ा गया है।

ज्ञातव्य है कि तमिलनाडु में ई-पास प्रणाली को समाप्त कर दिया गया है लेकिन कोविड-19 के प्रसार के बाद से केरल से तमिलनाडु में प्रवेश करने वालों के लिए ई-पास अनिवार्य है।

PURUSHOTTAM REDDY
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