विद्या से बड़ा कोई दान नहीं : राज्यपाल

तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने कहा विद्या से बड़ा कोई दान नहीं। धर्म पर आधारित होने के कारण ही आज हमारी संस्कृति कायम

By: मुकेश शर्मा

Published: 19 Jan 2019, 11:12 PM IST

चेन्नई।तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने कहा विद्या से बड़ा कोई दान नहीं। धर्म पर आधारित होने के कारण ही आज हमारी संस्कृति कायम है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि हम एकल विद्यालयों को मजबूत करने के साथ ही ऐसी योजनाओं से खुद को जोड़ें ताकि भारत फिर से विश्वगुरु बन सके।

राज्यपाल शनिवार को वन बंधु परिषद एवं हरि सत्संग समिति के तत्वावधान में अन्नानगर के अम्मा अरंगम ऑडिटोरियम में आयोजित एकल सुर एकल ताल सांस्कृतिक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए जी-जान से जुट जाएं। कुछ भी असंभव नहीं। अगर हिम्मत से तय कर लिया तो हमें सफल होने से कोई रोक नहीं सकता।

साथ ही अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने पर ध्यान दें। उनको संस्कारित कार्यक्रम दिखाएं। पुरोहित ने एकल विद्यालयों को मजबूत करने के लिए सभी को इसमें जुटने का आह्वान किया। पुरोहित ने कहा, यह महायज्ञ राष्ट्रनिर्माण का यज्ञ है, इसलिए इसके साथ जुटें। देश की संस्कृति की रक्षा की बात करते हुए राज्यपाल ने कहा हमें हमारी प्राचीन संस्कृति को बनाए रखना है इसलिए नई पीढ़ी को इससे जोडक़र रखना होगा।

अगले साल तक एक लाख एकल विद्यालय

विशिष्ट अतिथि एकल अभियान के सीईओ बजरंगलाल बागड़ा ने कहा, आज से करीब 30 साल पहले झारखंड के 60 गावों से इस अभियान की शुरुआत की गई थी। आज देश में 79 हजार गावों में एकल विद्यालय चल रहे हैं। संस्था ने अगले साल दिवाली तक और एक लाख गावों में एकल विद्यालय खोलने का लक्ष्य रखा है।

इस साल 150 करोड़ का बजट रखा है जिसे अगले साल 200 करोड़ किया जाएगा। खास बात यह है कि एकल विद्यालय छोडऩे वालों की संख्या ना के बराबर है जबकि सामान्य विद्यालयों में आज भी सेकण्डरी तक आते-आते 40 फीसदी विद्यार्थी स्कूल छोड़ जाते हैं। वनबंधु परिषद ने कई काम हाथ में लिए हैं उनमेंं एकल विद्यालय भी एक है। उन्होंने बताया कि गांवों में साप्ताहिक सत्संग की व्यवस्था की गई है, जहां नशामुक्ति व राष्ट्रप्रेम के प्रति दायित्व बढ़ाने, छुआछूत मिटाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

प्रशिक्षण केन्द्र खोले

परिषद के साउथ जोन के चेयरमैन एस.एस. दमानी ने कहा, परिषद ने कई प्रशिक्षण केन्द्र खोले हैं जहां से सिलाई, पशुपालन समेत अन्य कार्य सीखकर खुद का स्वरोजगार शुरू किया जा सकता है। इससे ग्रामीणों का जीवन स्तर ऊपर उठ सका है।

परिषद चेन्नई के अध्यक्ष के.के. माहेश्वरी ने स्वागत भाषण में कहा इन एकल विद्यालयों में 21 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं जिनमें साढ़े दस लाख से अधिक बालिकाएं हैं। परिषद के सचिव एस.पी. बाहेती ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह का संचालन कार्यकारी अध्यक्ष महेन्द्र मोहता ने किया। अंत में सांंस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।

मुकेश शर्मा Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned