नीट परीक्षा मामले में सरकार एवं सीबीएसई को एनएचआरसी का नोटिस

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने तमिलनाडु के नीट परीक्षार्थियों के लिए राज्य से बाहर बनाए गए परीक्षा केंद्रों के कारण विद्यार्थियों ...

By: मुकेश शर्मा

Published: 07 Jun 2018, 09:27 PM IST

चेन्नई।राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने तमिलनाडु के नीट परीक्षार्थियों के लिए राज्य से बाहर बनाए गए परीक्षा केंद्रों के कारण विद्यार्थियों को हुई परेशानियों जुड़ी मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लेते हुए इस मामले में तमिलनाडु सरकार एवं केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से विस्तृत रिपोर्ट मांगा है। इस बदइंतजामी के चलते न केवल परीक्षार्थियों को बल्कि अभिभावकों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी थी। उल्लेखनीय है कि 500 किलोमीटर की लंबी यात्रा कर अपने बेटे को नीट की परीक्षा दिलाने के लिए तमिलनाडु से केरल ले गए 46 वर्षीय पिता की दिल का दौरा पडऩे से रविवार को मौत हो गई थी।


आयोग का मानना है कि अगर मीडिया रिपोर्ट सही है तो यह मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर मामला है। आयोग का कहना है कि परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों पर काफी दबाव रहता है। ऐसे मेें प्रवेश परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों के लिए सुविधाएं सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार को इस बात का ध्यान रखना चाहिए था कि परीक्षा के दौरान उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी न हो। आयोग के मुताबिक मीडिया रिपोर्ट से ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य सरकार और सीबीएसई प्राधिकारी परीक्षार्थियों को सुविधाजनक परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराने में असफल रहे जिसके चलते परीक्षार्थियों के अलावा अभिभावकों को भी कठिनाइयों का समाना करना पड़ा।

इस मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मानवाधिकार ने सीबीएसई के अध्यक्ष तथा तमिलनाडु के मुख्य सचिव से इस संबंध में विस्तृत ब्यौरा मांगा है कि परीक्षार्थियों को नीट परीक्षा में शामिल होने दूसरे राज्यों में क्यों जाना पड़ा?

आयोग ने यह भी जानना चाहा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए दोनों प्राधिकारियों द्वारा क्या कदम उठाए जाएंगे।

गौरतलब है कि सोमवार की मीडिया रिपोर्ट में प्रकाशित सीबीएसई द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार एक हजार से भी अधिक राज्य के नीट परीक्षार्थियों को परीक्षा देने के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ा था। हालांकि इस रिपोर्ट में सीबीएसई एवं नीट के अधिकारियों ने इस बात पर कोई टिप्पणी नहीं की है कि वे तमिलनाडु के परीक्षार्थियों के लिए राज्य के भीतर ही पर्याप्त परीक्षा केंद्र बनाने में क्यों असफल रहे?

विद्यार्थियों के साथ दुव्र्यवहार के लिए सीबीएसई मांगे माफी : स्टालिन


नीट परीक्षार्थियों के साथ रविवार को परीक्षा अधिकारियों द्वारा किए गए कथित दुव्र्यवहार की सख्ती से आलोचना करते हुए डीएमके कार्यकारी अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने सोमवार को कहा कि अपने इस रवैये के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) राज्य के विद्यार्थियों से माफी मांगें।

अपने निर्वाचन क्षेत्र कोलत्तूर में सोमवार को चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों के बाहर विद्यार्थियों की तलाशी इस प्रकार से ली जा रही थी जैसे वे भ्रष्टाचार में लिप्त हों।

उन्होंने कहा कि राज्य के विद्यार्थियों को नीट परीक्षा से छूट दिलाने के लिए राज्य विधानसभा में विशेष प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया था। राज्य सरकार को कोशिश करनी चाहिए कि इस प्रस्ताव को जल्द से जल्द राष्ट्रपति की सहमति मिल जाए।

जयललिता के स्मारक पर टिप्पणी

सरकार द्वारा ४५ करोड़ की लागत से राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री स्व. जे.जयललिता के बनाए जा रहे स्मारक पर उनकी प्रतिक्रिया थी कि भ्रष्टाचार में लिप्त लोग ही जयललिता का स्मारक बनवा रहे हैं जबकि आय से अधिक संपत्ति मामले में जयललिता को दोषी पाए जाने पर जेल भेजा गया था। ऐसे में उनका स्मारक बनवाना लोकतांत्रिक मापदंड के खिलाफ है।

मुकेश शर्मा Reporting
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