One nation One Ration card पर तमिलनाडु कांग्रेस ने उठाया सवाल

Federalism व्यवस्था को दफन करने के इरादे से अब एक देश एक राशन कार्ड की नीति को लागू किया जाना है

By: P S Kumar

Updated: 05 Sep 2019, 09:32 PM IST

चेन्नई. तमिलनाडु कांग्रेस ने एक देश एक राशनकार्ड की नीति पर सवाल उठाया है कि अन्य राज्यों के नागरिकों का आर्थिक बोझ राज्य सरकार क्यों ढोए?
तमिलनाडु कांग्रेस के अध्यक्ष के. एस. अलगिरि ने गुरुवार को जारी बयान में कहा सत्ता के उन्माद में भाजपा मनचाहा फैसला कर रही है। इस कड़ी में उसकी कई घोषणाएं एकल राज व्यवस्था की ओर है। संघीय शासन व्यवस्था को दफन करने के इरादे से अब एक देश एक राशन कार्ड की नीति को लागू किया जाना है। १ जून २०२० से किसी भी राज्य में जाकर राशन लिया जा सकेगा। इस योजना को लागू करने के लिए तमिलनाडु के खाद्य मंत्री आर. कामराज ने भी सहमति दे दी है। राज्य के अधिकारों पर कब्जे का इससे बड़ा दूसरा उदाहरण नहीं हो सकता।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया सरकार देशभर के विभिन्न राज्यों में काम की वजह से प्रवासित साढ़े चार करोड़ के हित में २३ करोड़ परिवारों के हितों का दांव पर लगा रही है। जबकि कौनसे राज्य में कितने बाहरी लोग आकर कार्यरत हैं उसके आंकड़े अनुपलब्ध है।
अलगिरि ने कहा भले राज्य में राशन कार्ड की जगह स्मार्ट कार्ड बन चुके हैं लेकिन ग्रामीण इलाकों में में यांंत्रिक गड़बड़ी और अन्य राज्यों के निवासियों के प्रमाण नहीं होने की वजह से कई दिक्कतेें पेश आएंगी। इतनी समस्याओं के बाद भी किस तरह राज्य सरकार ने इस योजना को अपनाने की सहमति दे दी यह समझ के बाहर है। उन्होंने प्रश्न किया कि जब बाहरी राज्य के लोग तमिलनाडु की राशन दुकानों से वस्तुएं लेंगे तो यहां दी जा रही खाद्य सब्सिडी का बोझ उठाने के लिए सरकार तैयार है? अन्य राज्यों के नागरिकों का आर्थिक बोझ अगर तमिलनाडु उठाए तो इसे कैसे स्वीकार किया जा सकता है। लिहाजा सरकार को तत्काल इस नीति से पल्ला झाड़ देना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि जनविरोधी योजनाएं लागू कर रही भाजपा सरकार के समर्थन में एआईएडीएमके आगे बढ़ती है पार्टी राज्य में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगी।

P S Kumar
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