पाक हो सांस्कृतिक रूप से भी अलग-थलग

हिन्दी फिल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता अनुपम खेर का मानना है कि पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में प्रदर्शन

By: मुकेश शर्मा

Published: 03 Oct 2016, 11:48 PM IST

कोयम्बत्तूर।हिन्दी फिल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता अनुपम खेर का मानना है कि पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। एक शो में भाग लेने कोयम्बत्तूर आए खेर ने पत्रिका से विशेष बातचीत में कहा कि आपके घर पर कोई हमला करे, आपके बच्चों को तंग करे, महिलाओं को छेड़े तो ऐसा नहीं होता कि आप उसके घर के दूसरे सदस्यों को बुलाकर अपने यहां गाना गवाएं। जो नियम हम घर पर लागू करते हैं, वही नियम देश पर भी लागू करना चाहिए। पाकिस्तान को राजनीतिक, आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के साथ ही सांस्कृतिक रूप से भी अलग-थलग किया जाना चाहिए।

खेर ने कहा कि अमरीका या पेरिस में आतंककारी हमला होने पर मुखर होने वाले लोग भारत में हमला होने पर खामोश क्यों रह जाते हैं। वे अपने देश की बुराई भले ही नहीं करें लेकिन आतंककारी घटनाओं की ङ्क्षनदा तो करनी ही चाहिए।

कुछ कलाकारों द्वारा पाकिस्तानी कलाकारों के समर्थन में दिए गए बयान का जिक्र करने पर उन्होंने कहा कि यह सही है कि कला की सीमा नहीं होती और किसी भी कलाकार से हमारी जाती अदावत नहीं है लेकिन हमारे जो सैनिक शहीद हुए हैं उनके परिवारों को ढांढ़स देना बेहद जरूरी है। जो लोग ऐसी बातें कर रहे हैं उन्हें संवेदनशीलता की जरूरत है। उनमें हमारे जवानों के प्रति संवेदना का अभाव है।

जम्मू-कश्मीर मूल के खेर ने कश्मीर में अशांति पर चिंता जताते हुए कहा कि आतंककारी बातों से मानने वाले नहीं हैं। सेना ने जो सर्जिकल स्ट्राइक किया, वह सराहनीय है। वक्त आ गया है जब आतंककारियों के खात्मे के लिए हथियारों का सहारा लिया जाए। उन्होंने कहा कि मैं युद्ध का समर्थक नहीं हूं लेकिन आतंककारी शिविरों के सफाए के लिए हमले किए जाने चाहिए।

संतोष पाण्डेय
मुकेश शर्मा Reporting
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