हत्याकांड में वांछित डीएमके सांसद ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण

कर्मचारी की हत्या के आरोप में सीबीसीआई द्वारा डीएमके के कड्लूर सांसद रमेश के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद

By: Vishal Kesharwani

Published: 11 Oct 2021, 05:46 PM IST


चेन्नई. कर्मचारी की हत्या के आरोप में सीबीसीआई द्वारा डीएमके के कड्लूर सांसद रमेश के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद सोमवार को सांसद ने पनरुटी कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। पनरुटी में सांसद की काजू इकाई के एक कर्मचारी की हत्या से सबंधित मामले के आधार पर रमेश और उनके सहायक समेत छह लोगों पर मामला दर्ज किया गया था। मामले के आधार पर सहायक समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन सांसद की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी।

 

इसी बीच उन्होंने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। उल्लेखनीय है कि रमेश पर हत्या और साजिश रचने समेत आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और सीबी सीआईडी मामले की जांच कर रही है। गोविन्दारसु नामक व्यक्ति, जो पीएमके का पदाधिकारी था, काफी सालों से रमेश की काजू इकाई में काम करता था। गत 19 सितंबर को काजू इकाई प्रबंधन ने गोविन्दरसु के परिवार को कॉल कर कहा कि उसने आत्महत्या कर ली है और शव को पनरुटी सरकारी अस्पताल में रखा गया है। शव मिलने के बाद गोविन्दरसु के परिजनों ने उसके शरीर पर हमले का निशान पाया तो अस्पताल से शव लेने से इंकार कर दिया।

 

साथ ही परिजनों ने जिला कलक्टर कार्यालय में इसकी शिकायत की और मद्रास हाईकोर्ट में एक याचिका दायर किया। कोर्ट के निर्देशानुसार शव को परीक्षण के लिए जीपमेर अस्पताल भेजा गया। बाद में मामले की जांच सीबी सीआईडी को सौंपी गई। जांच के आधार पर पुलिस ने नटराज, अल्लापिच्चै, सुंदर, विनोद और कांधावेल नामक आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।

 


ज्ञातव्य है कि एक दिन पहले ही रविवार को पीएमके संस्थापक एस. रामदास ने सांसद रमेश की सीबी सीआईडी द्वारा तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि सांसद की अब तक गिरफ्तारी न होने से कई संदेह पैदा हो रहे हैं और गिरफ्तारी में देरी से हत्या के मामले की जांच प्रभावित होगी। अगर रमेश की गिरफ्तारी नहीं की गई तो वे सबूतों को मिटा देंगे, इसलिए तत्काल में उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए।

 


-लगाए गए सभी आरोप हैं गलत
इसी बीच पनरुटी न्यायिक मजिस्ट्रेट आर. करपावगल्ली के समक्ष पेश होने से पहले एक विज्ञप्ति जारी कर सांसद ने कहा उन्हें यह जानकर दुख हुआ है कि कर्मचारी की हत्या के मामले के बाद कुछ राजनीतिक दलों ने डीएमके पार्टी के खिलाफ झूठा प्रचार करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह लोगों को अपने नेता और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के सुशासन के खिलाफ झूठा आरोप लगाने के लिए जगह नहीं देना चाहते हैं और यही कारण है कि अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने का तय किया। मैं लगाए गए आरोपों का कानूनी रूप से सामना करुंगा और पर्याप्त सबूत पेश करके साबित करुंगा कि मैं निर्दोष हूं। मेरे खिलाफ लगाए गए सभी आरोप सरासर गलत हैं और मैं इसको साबित कर दूंगा।

Vishal Kesharwani
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