ऑनलाइन प्रक्रिया कम रास आ रही दुकानदारों को

- दो साल से शुरू हुई
- पॉन ब्रोकर के लिए लाइसेंस

By: ASHOK SINGH RAJPUROHIT

Published: 24 Jul 2020, 10:06 PM IST

चेन्नई. पॉन ब्रोकर के लिए नए लाइसेंस की प्रक्रिया भले ही ऑनलाइन कर दी गई हो लेकिन व्यापारियों को यह रास कम ही आ रही है। हालांकि लाइसेंस का नवीनीकरण अब भी पुरानी प्रक्रिया से ही हो रहा है। व्यापारियों का कहना है कि पॉन ब्रोकर की दुकानें लगातार कम हो रही है। पिछले पांच साल से नई दुकानें बहुत कम लग रही है। इसका प्रमुख कारण व्यापारी बैंकों के ऋण प्रक्रिया के आसान बना देना बता रहे हैं। ऐसे में लोग पॉन ब्रोकर की बजाय बैंकों से ही ऋण उठा लेते हैं।
दो से तीन सप्ताह में लाइसेंस
व्यापारियों का कहना है कि नए लाइसेंस के लिए बहुत अधिक प्रूफ मांगे जा रहे हैं, ऐसे में व्यापारियों को परेशानी होती है। ऑनलाइन प्रक्रिया से भी पान ब्रोकर को नया लाइसेंस लेने के लिए करीब दो से तीन सप्ताह का समय लग जाता है। सबसे पहले ऑनलाइन आवेदन के बाद वैरिफिकेशन की प्रक्रिया की जाती है। पुलिस वैरिफिकेशन के बाद तहसीलदार स्तर पर वैरिफिकेशन किया जाता है। इसके बाद दुकान की रिपोर्ट सही पाए जाने पर पान ब्रोकर के लिए लाइसेंस जारी कर दिया जाता है। वैसे नए लाइसेंस के लिए करीब दो साल पहले ही ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई है।
अभी तीन साल के लिए हो रहा नवीनीकरण
इससे पहले पॉन ब्रोकर की दुकान शुरू करने के लिए कागजात संबंधित कार्यालय में जमा कराने होते थे। नवीनीकरण के लिए पहले की तरह की तालुक कार्यालय में संबंधित कागजात जमा कराने होते हैं। पहले एक साल के लिए नवीनीकरण किया जाता है लेकिन अभी तीन साल तक के लिए नवीनीकरण किया जाने लगा है। वैसे पॉन ब्रोकर की नई दुकानें कम खुल रही है।

नई दुकानें नहीं लग रही
दि मद्रास पॉन ब्रोकर एसोसिएशन (पुरुषवाक्कम व तंडियारपेट तालुक) के सचिव आर. कालूराम सोलंकी कहते हैं, एसोसिएशन के 830 सदस्य हैं। कभी एसोसिएशन के सदस्य संख्या 1300 से अधिक थी। लेकिन पिछले पांच साल से नई दुकानें नहीं लग रही है। कई पॉन ब्रोकर की दुकानें विभिन्न कारणों से बन्द भी हो चुकी है। लोगों का झुकाव अब धीरे-धीरे बैंकों के प्रति अधिक होने लग गया है। वे कहते हैं, पहले पान ब्रोकर की दुकान का नवीनीकरण एक साल के लिए किया जाता था लेकिन अब तीन साल के लिए किया जाने लगा है। इससे दुकानदारों को सुविधा होने लगी है। लेकिन नए दुकान के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया काफी पेचीदा है। इसमें कई तरह के प्रूफ दुकानदार को देने होते हैं।

ASHOK SINGH RAJPUROHIT
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