विचाराधीन कैदी अस्पताल में, परिजनों ने किया घेराव

विचाराधीन कैदी अस्पताल में, परिजनों ने किया घेराव
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Mukesh Kumar Sharma | Publish: Oct, 09 2016 11:37:00 PM (IST) Chennai, Tamil Nadu, India

पूझल जेल में विचाराधीन कैदी को संदिग्ध अवस्था में शनिवार को रायपेट्टा स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती

चेन्नई।पूझल जेल में विचाराधीन कैदी को संदिग्ध अवस्था में शनिवार को रायपेट्टा स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी हालत काफी गम्भीर बताई जा रही है। परिजनों और उसके मित्रों ने घटना के विरोध में रविवार को अस्पताल का घेराव किया और आरोप लगाया कि पुलिस ने उसपर जबरन कार्रवाई की है। तिरुवत्तीयूर के मनली निवासी श्रीकांत दूबे उर्फ बालाजी को बीते सोमवार को मनली पुलिस ने किसी मामले में पूछताछ के लिए गिरफ्तार किया और शनिवार को युवक के परिजनों को पता चला कि वह अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।


श्रीकांत के परिजनों का कहना है कि श्रीकांत को पुलिस सोमवार को घर से किसी मामले में पूछताछ के लिए ले गई थी। परिवारवालों ने जब थाने में इंस्पेक्टर से इस बाबत पूछताछ की तो उन्हें बताया कि श्रीकांत को सुबह रिहा कर दिया जाएगा। मंगलवार सुबह भी जब उसे रिहा नहीं किया गया तो परिजनों ने जब थाने में पूछताछ की तो उन्हें बताया गया कि उसे पूझल जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। रिपोर्ट में मुताबिक श्रीकांत पर आईपीसी की धारा-353 के तहत सार्वजनिक जगह पर धूम्रपान और थूकने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। श्रीकांत के भाई ने तत्काल उसकी रिहाई के लिए जमानत याचिका दायर की जिसपर मंजूरी मिलने के बाद शुक्रवार को वे लोग श्रीकांत की रिहाई के लिए पुझल जेल गए लेकिन किसी कारण से श्रीकांत को उस दिन रिहा नहीं किया गया।


अगले दिन शनिवार को जब दुबारा वे लोग जेल गए तो वहां उन्हें काफी देर इंतजार करने पर किसी अधिकारी ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी तो उन्होंने अपने अधिवक्ता को इस बारे में जानकारी दी। अधिवक्ता के फोन करने पर उन्हें बताया कि उनके भाई को रायपेट्टा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में डॉक्टरों से बातचीत के बाद श्रीकांत के भाई आरके दुबे ने बताया कि डाक्टरों ने उन्हें बताया कि श्रीकांत को जब अस्पताल लाया गया था तब वह लगभग मृत हालत में था। बिजली के झटके देने के बाद उसे किसी तरह जीवित किया गया और अभी उसे अस्पताल के आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया है जहां वह जिंदगी के लिए जंग कर रहा है। परिवारवालों का आरोप है कि वे सोमवार को जब श्रीकांत से मुलाकत के लिए थाने गए तो वहां उसके साथ मारपीट की गई।


पुलिस की बर्बरता

इस बीच पुलिस प्रशासन के इस बर्बरतापूर्ण कृत्य के खिलाफ रविवार को युवक के परिजनों ने अस्पताल का घेराव किया और नारेबाजी की। पत्रिका रिपोर्टर ने अस्पताल प्रशासन से इस संबंध में पूछताछ की तो उन्हें कुछ भी स्पष्ट करने से साफ इंकार कर दिया। इस बीच अस्पताल में प्रदर्शन कर रहे युवक के परिजनों से पूछताछ की गई तो उनका कहना है कि वे सभी पान, गुटखा और तंबाकू का व्यवसाय करते हैं। जिसके व्यवसायियों पर पुलिस पिछले कुछ महीनों पुलिस ने लगातार दबिश भी दी है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उसे क्यों और किस आरोप में गिरफ्तार किया।

श्रीकांत के परिवार में पत्नी और तीन बच्चें हैं। श्रीकांत मूल रूप से उत्तरप्रदेश का रहना वाला है। जब इस मामले में मनली पुलिस थाना इंचार्ज से फोन पर जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया कि श्रीकांत को धारा-353 के तहत 2 अक्टूबर को गिरफ्तार किया और उसके बाद 3 अक्टूबर को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब इस बीच उसके साथ क्या हुआ वह किस वजह से अस्पताल पहुंचा उसके बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है।
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