मूडीचूर इलाके से लोगों का हो रहा पलायन!

राज्यभर में पूर्वोत्तर मानसून पूरी तरह स्थापित हो चुका है। सोमवार से जारी बरसात से हालात बदतर होने लगा है। महानगर से सटे कांचीपुरम और तिरुवल्लूर जिले में भी भारी बरसात का व्यापक असर दिखाई दिया। कांचीपुरम जिले में बुधवार सुबह तक ३१.९ सेमी और तिरुवल्लूर जिले में ३१.३ सेमी के करीब बरसात दर्ज की गई थी। दिनभर हुई बरसात ने शाम के वक्त और तेजी पकड़ी।

By: मुकेश शर्मा

Published: 03 Nov 2017, 09:42 PM IST

चेन्नई।राज्यभर में पूर्वोत्तर मानसून पूरी तरह स्थापित हो चुका है। सोमवार से जारी बरसात से हालात बदतर होने लगा है। महानगर से सटे कांचीपुरम और तिरुवल्लूर जिले में भी भारी बरसात का व्यापक असर दिखाई दिया। कांचीपुरम जिले में बुधवार सुबह तक ३१.९ सेमी और तिरुवल्लूर जिले में ३१.३ सेमी के करीब बरसात दर्ज की गई थी। दिनभर हुई बरसात ने शाम के वक्त और तेजी पकड़ी।

 

समाचार लिखे जाने तक ३५ सेमी से अधिक बरसात हो चुकी थी। २०१५ की बरसात के वक्त भी कडलूर के साथ कांचीपुरम जिला सर्वाधिक प्रभावित रहा था। जहां लोगों के घरों में पानी घुस आया। उस तरह के भयावह दृश्यों से बचने के लिए मूडीचूर, वरदराजपुरम व पश्चिमी ताम्बरम इलाके के लोगों ने सुरक्षित जगहों की ओर पलायन शुरू कर दिया है। जबकि सरकार ने इस जिले में राहत व बचाव कार्य की समीक्षा के लिए चार विशेष आईएएस अधिकारी नियुक्त किए है।

मूडीचूर के भारद्वाज नगर निवासी षणमुगवेल ने बताया कि उनके इलाके में लगातार बरसात की वजह से पानी भर चुका है। बारिश थमती नहीं दिखती इसलिए वे अपने रिश्तेदारों के घर जा रहे हैं ताकि बाद में बाढ़ के पानी में फंसने और सरकारी बचाव का इंतजार नहीं करना पड़े।

सता रहा भय

कीलकट्टलै निवासी पन्नीरसेल्वम ने बताया कि पल्लावरम और कीलकटलै झील में काफी पानी आ चुका है। यही हाल २०१५ के थे। राजेश नगर के वेंकट ने बताया कि उनके पास की नारायणपुरी झील भर चुकी है। इस झील में अन्य झीलों का पानी छोड़ा जाता है। २०१५ में भी इस झील का पानी ओवरफ्लो होकर इस कॉलोनी मेें घुस गया था। नतीजतन दस दिनों तक बिजली बंद रही और पानी भी नहीं निकला।

कुछ ऐसा ही भय उनको इस बार भी सता रहा है। वरदराजपुरम निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि मंगलवार को उनके इलाके में कमर तक पानी था। सुबह बरसात का वेग कम होने के बाद प्रशासन ने जेसीबी की मदद से जमाव को हटाया है लेकिन तेज बरसात जारी रही तो जलस्तर बढ़ जाएगा। इस वजह से यहां बसे लोग पलायित हो रहे हैं।

चार विशेष अधिकारी नियुक्त

सरकार ने बारिश के जल से पैदा हो रही समस्या और बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए कांचीपुरम जिले के चार विशेष अधिकारी नियुक्त किए है। इनसे किसी भी तरह की समस्या उत्पन्न होने पर संपर्क किया जा सकता है। इनके नाम व नम्बर इस प्रकार है।

नाम क्षेत्र मोबाइल नंबर
सी. मुनियनाथन ताम्बरम ९४४५२०५४०४
एस. वल्ललार तिरुपोरुर ७५३०००२१०२
शिवषणमुगराज चेंगलपेट ९८४१२७६०००
एन. सुब्बयन पल्लावरम ९४४५०४११९९

कांचीपुरम जिले में लगातार हो रही बरसात से आमजन की मुश्किलें बढऩा शुरू हो गई है। गलियों और कॉलोनी में जलजमाव को देखकर लगता है कि कहीं यह २०१५ की बाढ़ जैसे हालात की शुरुआत तो नहीं। पश्चिमी ताम्बरम के मूडीचूर, और वरदराजपुरम में हर जगह पानी दिखाई दिया, इस वजह से लोगों ने वहां से रवाना होना आरंभ कर दिया है। इन इलाकों में बारिश के दृश्यों को छायाकार हरिहरकृष्णन ने अपने कैमरे में कैद किया।

मुकेश शर्मा Reporting
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