निजी लैबोंं में कोरोना परीक्षण कराने वाले परिणाम आने तक खुद को करें क्वारंटाइन: निगम

कोरोना वायरस के प्रसार में तेजी से हो रही वृद्धि को गंभीरता से लेते हुए ग्रेटर चेन्नई कार्पोरेशन ने निजी लैबों में कोरोना परीक्षण कराने वाले लोगों से परिणाम आने तक खुद को क्वारंटाइन करने का आग्रह किया।

By: Vishal Kesharwani

Published: 29 Jun 2020, 04:47 PM IST


चेन्नई. कोरोना वायरस के प्रसार में तेजी से हो रही वृद्धि को गंभीरता से लेते हुए ग्रेटर चेन्नई कार्पोरेशन ने निजी लैबों में कोरोना परीक्षण कराने वाले लोगों से परिणाम आने तक खुद को क्वारंटाइन करने का आग्रह किया। अगर परिणाम पॉजिटिव होते हैं तो पॉजिटिव व्यक्ति के साथ परिवार वाले भी खुद को 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन करें। जानकारी के बाद डॉक्टरों द्वारा उनका जांच किया जाएगा और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर इलाज के लिए लेकर जाया जाएगा। इसके अलावा परीक्षण में निगेटिव पाए जाने वाले अपने काम पर जाएं और मास्क पहनने व सामाजिक दूरी बनाने समेत सरकार के अन्य नियमोंं का पालन करें। कोरोना मरीजों की सख्या में हो रही लगातार वृद्धि को गंभीरता से लेते हुए निगम द्वारा लोगों से सरकार के दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह किया जा रहा है।

 

हाल ही में ग्रेटर चेन्नई कार्पोरेशन आयुक्त जी. प्रकाश ने कहा था कि स्थानीय लोगों को निगम के फिल्ड कर्मचारियों, जो व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण पहन कर, स्वस्थ आहार का सेवन और विटामित की खुराक ले कर कोविड 19 के संक्रमण से बच रहे हैं, के अनुभव से सीख कर संक्रमण से बचने का प्रयास करना चाहिए। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा था कोरोना महामारी के बीच 20 हजार कर्मचारी फिल्ड में लगे हुए हैं और उनमें से सिर्फ 120 कर्मचारी ही कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं। हर सुबह रोल कॉल के दौरान सभी को डिस्पोजेबल मास्क प्रदान किया जाता है और सुनिश्चित किया जाता है कि सभी स्वस्थ आहार और विटामिन ले रहे हों। यह प्रक्रिया एक सफल मॉडल है जो अन्य लोगों को भी अपनानी चाहिए। ऐसा कर कोरोना वायरस के संक्रमण की संभावनाओं से भी बचा जा सकता है।

Corona virus COVID-19 virus
Vishal Kesharwani
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned