तीन विस सीटों पर भी उपचुनाव कराने की याचिका दायर

डीएमके ने राज्य में रिक्त सभी २१ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराने की मांग को लेकर उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। सुनवाई १५ मार्च...

By: मुकेश शर्मा

Published: 29 Mar 2019, 11:56 PM IST

चेन्नई/नई दिल्ली।डीएमके ने राज्य में रिक्त सभी २१ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराने की मांग को लेकर उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। सुनवाई १५ मार्च को होगी।
चुनाव आयोग ने फिलहाल १८ सीटों पर १८ अप्रेल को चुनाव कराने की घोषणा की थी, लेकिन डीएमके शेष तीन सीटों पर भी उसी दिन मतदान कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है।
डीएमके ने अर्जी लगाई कि १८ सीटों के अलावा ओट्टपिडारम, अरवाकुरिची और तिरुपरमकुंड्रम में भी उसी दिन चुनाव कराए जाएं। गौरतलब है कि राज्य की ३९ लोकसभा सीटों के साथ ही उपचुनाव भी होगा।

निर्वाचन आयोग को भी ज्ञापन

डीएमके ने भारत निर्वाचन आयोग में इस आशय का ज्ञापन भी दिया है। डीएमके ने आग्रह किया है कि १८ सीटों पर उपचुनाव की सूची में छूटे तीन विधानसभा क्षेत्रों ओट्टपिडारम, अरवाकुरिची और तिरुपरमकुंड्रम को भी जोड़ा जाए। डीएमके अध्यक्ष एम. के. स्टालिन की ओर से पार्टी के राज्यसभा सांसदों तिरुचि एन. शिवा और टीकेएस इलंगोवन ने निर्वाचन आयोग को ज्ञापन सौंपा।
डीजीपी को बदला जाए

पत्रकारों से वार्ता में तिरुचि शिवा ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदम्बरम की जीत को चुनौती देने वाली प्रतिद्वन्द्वी प्रत्याशी राजकण्णप्पन की याचिका के लम्बित होने के बाद भी वहां चुनाव कराए गए थे। हमने चुनाव आयोग को इसका संदर्भ दिया है। तिरुपरमकुंड्रम सीट को लेकर याची सरवणन ने याचिका वापस ले ली है इसकी जानकारी भी आयोग को दी गई है। हमने इसके अलावा पुलिस महानिदेशक राजेंद्रन समेत दस वरिष्ठ अफसरों के तबादले की भी मांग रखी है।

चुनाव आयोग कर सकता है बदलाव

चेन्नई. मद्रास उच्च न्यायालय का कहना है कि वह लोकसभा चुनाव से पहले पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) टी. के. राजेंद्रन को बदलने के आदेश नहीं दे सकता है। भारत निर्वाचन आयोग इस संबंध में निर्णय कर सकता है। उच्च न्यायालय की मदुरै शाखा में आल इंडिया टे्रड यूनियन कांगे्रस के मदुरै नगर सचिव के. कदिरेशन ने सोमवार को डीजीपी को बदलने की मांग को लेकर याचिका लगाई थी। याची ने कहा कि डीजीपी का नाम गुटखा वितरक की भुगतान डायरी में पाया गया है। चुनाव के वक्त उनके डीजीपी रहने से स्वतंत्र व निष्पक्ष मतदान कराने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। न्यायाधीश एन. कृपाकरण और एस. एस. सुंदर की न्यायिक बेंच ने इस याचिका को निरस्त करते हुए कहा कि डीजीपी की बदली करने का निर्णय चुनाव आयोग कर सकता है।

 

मुकेश शर्मा Reporting
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