scriptPMs announcement about repealing farm laws: I congratulate all farmer | मुख्यमंत्री समेत अन्य नेताओं ने कृषि बिल वापस लेने का किया स्वागत | Patrika News

मुख्यमंत्री समेत अन्य नेताओं ने कृषि बिल वापस लेने का किया स्वागत

विधानसभा में तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग वाले प्रस्ताव को याद करते हुए स्टालिन ने कहा कि उन्हें आंदोलन

चेन्नई

Updated: November 19, 2021 04:31:34 pm


-लोकतंत्र में लोगों के विचारों का सम्मान होना जरूरी: स्टालिन
चेन्नई. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन समेत राज्य के अन्य नेताओं ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें उन्होंने तीन कृषि विधेयक को रद्द कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसानों द्वारा शांतिपूर्वक किए जा रहे प्रदर्शन की जीत है। ट्वीट कर स्टालिन ने कहा मैं तहे दिल से प्रधानमंत्री की घोषणा का स्वागत करता हूं। इतिहास हमें सिखाता है कि लोकतंत्र में लोगों की इच्छाएं प्रबल होती है। मैं सभी किसानों को इस जीत की बधाई देता हूं और गांधीवादी माध्यम से इसे हासिल करने के उनके दृढ़ संकल्प को नमन करता हूं।

मुख्यमंत्री समेत अन्य नेताओं ने कृषि बिल वापस लेने का किया स्वागत
मुख्यमंत्री समेत अन्य नेताओं ने कृषि बिल वापस लेने का किया स्वागत

राज्य विधानसभा में तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग वाले प्रस्ताव को याद करते हुए स्टालिन ने कहा कि उन्हें आंदोलन के दौरान किसानों के साथ खड़े होने पर गर्व है। नगर प्रशासन मंत्री केएन नेहरु ने कहा कि सबसे पहले स्टालिन ने तीन कृषि बिलों को वापस लेने की मांग की थी। कृषि कानूनों को निरस्त करना किसानों की जीत है। डीएमके लोकसभा सदस्य और वूमन विंग नेता कनिमोझी ने कहा किसानों की जीत के साथ ही लोकतंत्र की भी जीत हुई है। यह हमारे विश्वास को बहाल करता है कि राजा की आवाज लोगों की आवाज के अनुरूप होने चाहिए। पीएमके संस्थापक एस. रामदास ने भी प्रधानमंत्री के निर्णय का स्वागत कर कहा कि इससे किसानों को लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि पिछले एक सालों में कृषि बिलों के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान 150 से अधिक किसानों ने जान गवाई है। कानून को निरस्त करने का निर्णय उन किसानों की जीत है। इसी बीच राज्य भर के कई किसान संगठनों ने पटाखा बजा कर जश्र मनाया।


-एआईएडीएमके ने प्रधानमंत्री का जताया आभार
एआईएडीएमके समन्वयक ओ. पन्नीरसेल्वम ने कहा कि पिछले एक साल से किसानों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था। किसानों को लगता था कि इन बिलों से उनके अधिकार छीन जाएंगे और उत्पादों के लिए उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिलेगा। प्रधानमंत्री ने घोषणा की थी कि कानूनों को खत्म कर दिया जाएगा, क्योंकि उनकी सरकार किसानों के एक वर्ग को मना नहीं सकी है।

उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए और उनके फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री की उदारता और किसानों के प्रति उनकी चिंता है। एआईएडीएमके संगठन सचिव एस. सेम्मालै ने कहा भले ही कृषि कानून किसानों के लिए फायदेमंद था, लेकिन पार्टी एक वर्ग की भावनाओं का सम्मान करते हुए कानूनों को निरस्त करने के केंद्र के फैसले का स्वागत करती है।


-चुनाव को देखते हुए लिया गया निर्णय
कांगे्रस नेता पी. चिदम्बरम ने कहा कि घोषणा नीति परिवर्तन या हृदय परिवर्तन से प्रेरित नहीं है, बल्कि चुनाव के डर से प्रेरित है। लेकिन यह किसानों और कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ी जीत है। टीएनसीसी प्रमुख केएस अलगिरी ने कहा कि किसानों ने सभी बाधाओं को पार किया और पिछले साल कानूनों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और कई लोगों की जान चली गई। लेकिन प्रधानमंत्री प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बातचीत करने को तैयार नहीं हुए। कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा को किसानों के कल्याण के रूप में नहीं देखा जा सकता है। प्रधानमंत्री का यह कदम राजनीतिक उद्देश्य से है। जो भी हो लेकिन यह प्रदर्शनकारी किसानों और कांग्रेस नेता राहुल गांधी, जो लगातार मांग करते रहे थे, की जीत है।


-मोदी सरकार ले जिम्मेदारी
वीसीके प्रमुख तोल तिरुमावलवन ने कहा पिछले साल किसानों के लगातार विरोध प्रदर्शन के कारण हुए सभी नुकसान की जिम्मेदारी मोदी सरकार को लेनी चाहिए। उन्होंने सरकार से किसानों के खिलाफ दायर मामलों को वापस लेने का आग्रह भी किया। अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम के महासचिव टीटीवी दिनकरण ने कहा बिलों को वापस लेने का कदम बहुत ही अच्छा है और किसानों के अहिंसक संघर्ष की जीत है। एमडीएमके प्रमुख वाइको ने कहा किसानों ने तानाशाही की रीढ़ तोड़ दी है। देश उन किसानों को नमन करता है जिन्होंने इस कारण के लिए संघर्ष किया। चुनावों में हार की डर से मोदी सरकार ने यह निर्णय लिया है। प्रदर्शन के दौरान अपनी जान गवाने वाले किसानों के परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा भी दिया जाना चाहिए। टीएमसी नेता जीके वासन ने भी प्रधानमंत्री के इस घोषणा का स्वागत किया।

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