Tamilnadu: दक्षिण भारत के गिरवी व ज्वैलरी व्यापारियों की समस्याओं को लेकर कानून मंत्री को ज्ञापन

तमिलनाडु पॉन ब्रोकर्स एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष स्वामी तेजानंद महाराज (Swami Tejanand Maharaj) ने दिल्ली में केंद्रीय कानून मंत्री (Law Minister) रविशंकर प्रसाद (Ravishankar Prasad) से मुलाकात कर दक्षिण भारत के गिरवी एवं ज्वैलरी व्यापारियों की परेशानियों से अवगत कराया।

चेन्नई. तमिलनाडु पॉन ब्रोकर्स एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष स्वामी तेजानंद महाराज ने दिल्ली में केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद से मुलाकात कर दक्षिण भारत के गिरवी एवं ज्वैलरी व्यापारियों की परेशानियों से अवगत कराया। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव विजय प्रकाश जैन को भी उन्होंने व्यापारियों की समस्याओं से बारे में बताया।
स्वामी तेजानंद महाराज ने केंद्रीय कानून मंत्री के सामने दक्षिण भारत में गिरवी और ज्वेलरी व्यापारियों पर होने वाले पुलिसिया अत्याचार का मामला जोर शोर से उठाया। उन्होंने कानून मंत्री के समक्ष भारतीय दंड संहिता की धारा 411 और 414 का पुलिस द्वारा व्यापक दुरुपयोग करने का मसला उठाया।

अमानवीय व्यवहार

उन्होंने कानून मंत्री के साथ चर्चा में कहा कि कोई भी जिम्मेदार व्यापारी जान बूझ कर चोरी के जेवरात ना तो गिरवीं रखता है ना ही उन्हें खरीदता है। मगर पुलिस अधिकारी चोरी के माल की बरामदगी के दौरान एक व्यापारी को चोर के समकक्ष मानकर उसके साथ अमानवीय व्यवहार करते है। उन्होंने कानून मंत्री को बताया कि ज्यादातर मामले झूठे होते है और पुलिस व्यापारियों को धारा 411 और 414 का भय दिखाकर उनसे मनमानी वसूली कर लेती है। ऐसी स्थिति में व्यापारियों के पास नुकसान की भरपाई का कोई रास्ता नही बचता है।

गैरकानूनी रुप से थोपे जा रहे फर्जी मामलों का जिक्र
केंद्रीय कानून मंत्री ने स्वामी तेजानंद महाराज को इस मामले में उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है। उन्होंने स्वामी तेजानंद महाराज द्वारा सौंपे गए ज्ञापन को मंत्रालय के उच्च अधिकारियों को कार्यवाही के लिए सुपुर्द कर दिया है।
गौरतलब है कि अगस्त 2015 में भी नई दिल्ली में स्वामी तेजानंद महाराज ने तत्तकालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह को ज्ञापन सौंपा था जिसमें दक्षिण भारत के गिरवी और ज्वैलरी व्यापारियों पर गैरकानूनी रुप से थोपे जा रहे फर्जी मामलों का जिक्र था।

Ashok Rajpurohit
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