एक सप्ताह में कराएं शक्ति परीक्षण

Mukesh Sharma

Publish: Sep, 11 2017 10:02:00 (IST)

Chennai, Tamil Nadu, India
एक सप्ताह में कराएं शक्ति परीक्षण

डीएमके की अगुवाई में तमिलनाडु के विपक्षी दलों ने राज्यपाल से गुहार लगाई है कि एक सप्ताह के भीतर विधानसभा का सत्र बुलाकर मुख्यमंत्री ई. के. पलनीस्वामी

चेन्नई।डीएमके की अगुवाई में तमिलनाडु के विपक्षी दलों ने राज्यपाल से गुहार लगाई है कि एक सप्ताह के भीतर विधानसभा का सत्र बुलाकर मुख्यमंत्री ई. के. पलनीस्वामी से बहुमत साबित करने को कहा जाए। अगर राज्यपाल ने ऐसा नहीं किया तो वे कानूनी तौर पर न्यायालय और जनता की अदालत में इस मामले को उठाएंगे।

डीएमके, कांग्रेस और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार शाम राजभवन में कार्यवाहक राज्यपाल सी. एच. विद्यासागर राव से भेंट की। विपक्षी दलों ने अर्जी दी कि बहुमत गंवा चुकी ‘हॉर्स ट्रेड’ करने वाली इस सरकार से विधानसभा सत्र आहूत कर शक्ति परीक्षण कराया जाए। पत्रकारों से वार्ता में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एम. के. स्टालिन ने कहा कि १९ विधायकों ने सरकार से समर्थन वापस लेने वाला पत्र राज्यपाल को दिया है। इस बारे में राष्ट्रपति तक से मुलाकात की जा चुकी है।

११९ ज्यादा या ११४ , तय करें राज्यपाल


स्टालिन ने कहा कि हमने राज्यपाल राव को अवगत कराया कि एआईएडीएमके के २१ बागी विधायकों और विपक्षी दल के ९८ विधायकों ने सरकार के प्रति अविश्वास दर्शाया है। जयललिता के निधन के बाद फिलहाल विस में २३३ सदस्य हैं। ऐसे में सरकार के पास ११४ और विपक्ष में ११९ विधायक हैं। यह राज्यपाल को तय करना है कि इन दोनों में से बड़ी संख्या कौनसी है? एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर विस सत्र बुलाया गया तो डीएमके सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। एक अन्य सवाल के उत्तर में स्टालिन ने तिरुचेंगोडु की आईओबी शाखा में २४६ करोड़ रुपए जमा कराने वाले राज्य के मंत्री का नाम उजागर किए जाने की मांग की।

शैतानी पत्र का 350 साल बाद हुआ अनुवाद

करीब 350 साल से रहस्य बने 17वीं में सिसिलिएन नन द्वारा लिखित शैतानी पत्र का अनुवाद कर दिया गया है। यह पत्र 1676 में पाल्मा डी मोंटेसिरो कॉन्वेंट में मारिया क्रोकिफिसा डेला कॉन्सेजिओन द्वारा लिखा गया था। उसने दावा किया था कि वह उस समय शैतान के कब्जे में थी और उसके हाथों से शैतान ने इसे लिखा है। पत्र का अनुवाद करने में डार्क वेब सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल हुआ। इतालवी कंप्यूटर वैज्ञानिकों के एक ग्रुप ने डार्क वेब पर डिस्क्रिप्शन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हुए अनुवाद कर दिया।

 

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