नवंबर से मरीना बीच पर जा सकते हैं लोग: कार्पोरेशन

ग्रेटर चेन्नई कार्पोरेशन ने मंगलवार को मद्रास हाईकोर्ट को बताया कि आगामी नवंबर माह से मरीना बीच पर आम लोगों की आवाजाही को शुरू करने की उम्मीद है।

By: Vishal Kesharwani

Published: 13 Oct 2020, 02:48 PM IST


चेन्नई. ग्रेटर चेन्नई कार्पोरेशन ने मंगलवार को मद्रास हाईकोर्ट को बताया कि आगामी नवंबर माह से मरीना बीच पर आम लोगों की आवाजाही को शुरू करने की उम्मीद है। इससे पहले निगम ने कोर्ट को बताया था कि कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए जारी लॉकडाउन के कारण 31 अक्टूबर तक मरीना बीच पर लोगों को जाने की अनुमति नहीं होगी। कोर्ट में निगम के वकील ने इस बात की जानकारी दी।

 

हाल ही में कोर्ट ने निगम से आम लोगों के लिए बीच को फिर से खोलने पर विचार करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि लॉकडाउन के बावजूद अन्य सेक्टरों को खुलने की अनुमति है तो बीच को खोलने को लेकर विचार क्यों नहीं किया जा रहा है। साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार और निगम को विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। इसके अलावा न्यायाधीश विनीत कोठारी और कृष्णन रामासामी की खंडपीठ ने निगम के समक्ष कई सवाल भी उठाए थे। मरीना बीच के विक्रेताओं को विनियमित करने और प्रतिबंधित करने के संबंध में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान बेंच ने यह बात कही थी।

 

पिछले साल दिसंबर में निगम ने कोर्ट को बताया था कि मरीना बीच पर सिर्फ 900 वेंडरों को ही अनुमति दी जाएगी। इसके लिए 27 करोड़ की लागत से एक समान वेंडिंग गाडिय़ां खरीद कर सभी को प्रदान की जाएगी। एक समान गाडिय़ों के अलावा बीच पर किसी अन्य को दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वर्ष 2017 में 1544 वेंडरों की पहचान की गई थी, जिसमें से 1486 वेंडरों को पहचान कार्ड दिया गया था। उसके बाद 2019 में आयोजित गणना के अनुसार बीच पर 1962 दुकानें थी, जिसमें से सिर्फ 808 वेंडरों के पास पहचान पत्र थी।

Vishal Kesharwani
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