विज्ञापन में पीएम मोदी और जिनपिंग के तस्वीर का किया इस्तेमाल, सजा व भारी जुर्माना का है प्रावधान

विज्ञापन में पीएम मोदी और जिनपिंग के तस्वीर का किया इस्तेमाल, सजा व भारी जुर्माना का है प्रावधान
Pvt company cannot used PM modi picture and name -in-advertisement:

Purushotham Reddy | Publish: Oct, 12 2019 11:52:27 AM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

Pvt company cannot used PM modi picture and name -in-advertisement: यह पहली बार नहीं है जब निजी कंपनियों ने पीएम मोदी की तस्वीर और नाम का विज्ञापन दिया था। Pm Modi name and picture used, Tamilnadu, Mahabalipuram, texttile company, Xi Jinping In Chennai, Prime Minister, Mamallapuram, NarendraModi

चेन्नई.

तमिलनाडु के निजी टेक्सटाइल कंपनी ने अपने उत्पाद वेष्टि/धोती पोशाक के विज्ञापन के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम नरेन्द्र मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल किया। टेक्सटाइल कंपनी ने शनिवार सुबह तमिल दैनिक अखबार में मोदी और जिनपिंग के तस्वीर छापा है जिसमें पीएम मोदी वेष्टि पहने हुए नजर आए थे।

दरअसल शुक्रवार को पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के स्वागत के लिए पारंपरिक तमिल परिधान 'वेष्टि' (सफेद धोती), आधी बांह की सफेद कमीज पहने हुए थे। राष्ट्रपति शी जिनपिंग साथ ही अंगवस्त्रम (अंगोछा) कंधे पर रखे नजर आए थे। निजी टेक्सटाइल कंपनी भी इन्ही परिधानों का व्यवसाय करती है।

 

पहली भी पीएम मोदी की तस्वीर और नाम का विज्ञापन का दिया

यह पहली बार नहीं है जब निजी कंपनियों ने पीएम मोदी की तस्वीर और नाम का विज्ञापन दिया था। इससे पहले भी प्राइवेट कंपनियों के विज्ञापनों में मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल हुआ जिसके बाद खूब बवाल हुआ था। अब यह देखना होगा कि केन्द्र सरकार निजी कंपनी के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है।

 

विज्ञापनों में मोदी की तस्वीर और नाम के इस्तेमाल पर होगी सजा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर निजी कंपनियों के विज्ञापन में इस्तेमाल किए जाने पर केंद्र सरकार अब बेहद चौकन्नी हो गई है। अब सरकार इसको रोकने के लिए प्रतीक व नाम (अनुचित प्रयोग रोकथाम) कानून, 1950 में सजा का प्रावधान करने जा रही है। गौरतलब है कि अभी तक इस कानून में बेहद मामूली जुर्माना होता था। जिसमें करीब 400 गुना की भारी भरकम बढ़ोत्तरी करके इस जुर्माने को दो लाख रुपये किया जाएगा। उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय सात दशक पुराने ***** कानून में संशोधन का मसौदा तैयार कर चुका है।


क्यों पड़ी कानून में संशोधन की जरूरत

दरअसल वर्ष 2016 में रिलायंस जियो ने अपने विज्ञापन के जरिये जियो 4जी सेवा को मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना डिजिटल इंडिया के तौर पर प्रचारित किया था। 8 नवंबर, 2016 को नोटबंदी की घोषणा के बाद पेटीएम ने अपने विज्ञापन में इस कदम को ई-वॉलेट्स का इस्तेमाल बढ़ाने में मददगार बताते हुए स्वागत किया था। उसके द्वारा छपवाए गए विज्ञापनों में प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर थी।


सरकार ने विज्ञापन में प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर लगाने वाली रिलायंस जियो इन्फोकॉम और पेटीएम को पिछले साल नोटिस जारी किया था। बताया जा रहा है कि पिछले साल नोटिस भेजने के बाद सरकार ने दोनों कंपनियों पर जुर्माना भी लगाया गया था। इसके बाद कानून में बदलाव की रूपरेखा तैयार की जा रही थी।

 

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा तैयार किए मसौदे में पहली बार उल्लंघन करने पर जुर्माने की रकम दो लाख रुपये तय की गई है। एक बार से अधिक उल्लंघन पर जुर्माना बढ़कर पांच लाख रुपये तक किया जा सकता है। कानून का बार-बार उल्लंघन करने पर तीन से 6 माह तक की सजा भी हो सकती है।

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