प्रधानमंत्री की हत्या की धमकी,रफीक एनएसए एक्ट में गिरफ्तार

कोय म्बत्तूर में हुए बम विस्फोट में भी यह शामिल था

By: Arvind Mohan Sharma

Published: 16 May 2018, 12:37 PM IST

कोय म्बत्तूर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हत्या की धमकी देने वाले हिस्ट्रीशीटर मोह मद रफीक को पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम(एनएसए) के तहत गिरफ्तार कर लिया है। कोय म्बत्तूर में हुए बम विस्फोट में भी यह शामिल था। पिछले माह सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक ऑडियो में रफीक कह रहा था कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बम से उड़ा देगा। रफीक ने ये धमकी एक ठेकेदार से बातचीत के दौरान दी थी। इसका ऑडियो वॉयरल हो गया ।बाद में इसकी जानकारी पुलिस को मिली तो 24 अप्रेल को रफीक को गिर तार कर लिया। ५४ वर्षीय रफीक को सेन्ट्रल जेल कोय बत्तूर में रखा गया था। वहां उसकी तबीयत खराब होने पर इलाज कराया। प्रधान मंत्री की हत्या की धमकी के बारे में जानकारी मिलने पर नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेन्सी(एनआईए)के कान भी खड़े हो गए। एक टीम ने रफीक से पूछताछ की।उल्लेखनीय है कि रफीक पर बीस साल पहले भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के कोय म्बत्तूर आगमन पर शहर में हुए बम विस्फोटों में शामिल होने का आरोप थी। इस मामले ंमें वह दस साल की सजा काट चुका है। इसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। कोय बत्तूर के पुलिस आयुक्त पैरिय्या ने रफीक ने मामले की गंभीरता को देखते गुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

 

टीवीके कार्यकर्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन
कोय म्बत्तूर . तमिजहर विदियाल कांची(टीवीके) के कार्यकर्ताओं ने श्री लंका युद्ध में अमरीका की भूमिका की निंदा की। कार्यकर्ताओं मे अविनाशी रोड स्थित केएफसी रेंस्टोरेंट के बाहर प्रदर्शन किया। रेंस्टोरेंट को घेरने की कोशिश करने पर पुलिस ने 26 कार्यकर्ताओं को गिर तार कर लिया। टीवीके कार्यकर्ता हर साल मई में श्रीलंका युद्ध के दौरान तमिलों के नरसंहार के विरोध में प्रदर्शन करते हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने अविनाशी रोड पर विरोध जताया। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2008 में श्रीलंका युद्ध में अमरीका ने भी सहयोग किया। उस वक्त भारत की भूमिका पर भी वक्ताओं ने सवाल खड़े किए। उनका आरोप था कि अमरीका ने हर संभव मदद की थी और श्रीलंका सरकार ने तमिलों का क्रूरतापूर्वक नर संहार किया था। कार्यकर्ताओं ने अमरीकी क पनी की ओर से संचालित केएफसी रेंस्टोरेंट के बाहर प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से इसे बंद कराने की मांग की। रेंस्टोरेंट का घेराव करने की कोशिश पर 26 कार्यकर्ताओं को गिर तार कर लिया।

Arvind Mohan Sharma Desk
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