राहुल गांधी की सुरक्षा में चूक !

राहुल गांधी की सुरक्षा में चूक !

P.S.Vijayaraghavan | Publish: Aug, 12 2018 05:36:27 PM (IST) Chennai, Tamil Nadu, India

> आईबी और एनएसजी ने मांगी रिपोर्ट

> तमिलनाडु कांग्रेस ने सरकार पर लगाया आरोप

चेन्नई. पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि को श्रद्धांजलि देने आए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को उचित सुरक्षा मुहैया नहीं कराए जाने का आरोप लगाते हुए तमिलनाडु कांग्रेस ने इस चूक के लिए दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। आरोप है कि ८ अगस्त को करीब आधा घंटे तक राहुल गांधी राजाजी हॉल में बिना पुलिसकर्मी के अकेले थे। इस सिलसिले में आईबी और एनएसजी ने भी तमिलनाडु सरकार से जवाब मांगा है।
तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष एस. तिरुणावकरसर ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि ८ अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जाने के बाद पुलिस ने वीआईपी प्रवेश द्वार को सभी के लिए खोल दिया था। इसके चलते विशेष सुरक्षा सुविधा प्राप्त कांग्रेस प्रमुख को लगभग आधे घंटे तक परेशानियों का सामना करना पड़ा था। दरअसल पुलिस द्वारा उनके लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित नहीं किए जाने के कारण राजाजी हॉल के एक कक्ष में तीस मिनट तक अलग रहना पड़ा। कांग्रेस के राज्य प्रमुख ने राहुल गांधी को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया नहीं कराए जाने को लेकर सरकार की कड़ी निंदा की। उन्होंने मांग की कि राजाजी हॉल में सुरक्षा के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

राज्य में फिलहाल किसी को नहीं एनएसजी कमांडो सुरक्षा

चेन्नई. किसी भी वीआईपी के आगे पीछे रहने वाले काले कपड़ो में ढ़के एनएसजी कमांडो अब राज्य में नहीं दिखेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के बाद करुणानिधि ऐसे वीआईपी थे जिन्हें एनएसजी कमांडो की सुरक्षा प्रदान की गई थी। उनके निधन के बाद अब राज्य में कोई भी मंत्री या वीआईपी नहीं है जिसे एनएसजी सुरक्षा मिली हुई है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ए.के. पलनीस्वामी को जेड प्लस सुरक्षा प्रदान की गई है। ये सुरक्षा उन्हें पुलिस कमांडो और सीआरपीएफ के जवानों द्वारा दी गई है। इसी तरह बीजेपी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी को भी सीआरपीएफ के जवानों की सुरक्षा है। जयललिता की सुरक्षा में जहां 40 एनएसजी कमांडो थे वहीं करुणानिधि को 22 एनएसजी कमांडो अपनी सेवाएं दे रहे थे। राज्य का खुफिया विभाग पहले किसी भी वीवीआईपी नेता या अन्य हाई प्रोफाइल की जान को खतरे की आशंका के बारे में पता लगाता है और उसके आधार पर उसे किस तरह की सुरक्षा मिलना चाहिए इसकी सिफारिश केंद्रीय खुफिया विभाग को करता है। केंद्रीय खुफिया विभाग वीवीआईपी के लिए खतरे को देखकर उसे एनएसजी सुरक्षा प्रदान करता है। एनएसजी सुरक्षा पाने वाले वीआईपी को पहले जेड प्लस सुरक्षा पाना जरूरी होता है। एनएसजी सुरक्षा में वीवीआईपी के वाहन के आगे पायलट वाहन, पीछे पायलट वाहन, तीन एस्कॉर्ट वाहन और एक जैमर चलता है। यहां ये भी बता दें कि मुख्यमंत्री पलनीस्वामी को उनके पद के कारण जेड प्लस सुरक्षा दी गई है। उपमुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी और तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को वाय प्लस की सुरक्षा दी गई है।

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned