TAMILNADU: डीएमके अपने संबंधित स्कूलों में बंद कराए सीबीएससी पाठ्यक्रम: राजा

TAMILNADU: डीएमके अपने संबंधित स्कूलों में बंद कराए सीबीएससी पाठ्यक्रम: राजा
TAMILNADU: डीएमके अपने संबंधित स्कूलों में बंद कराए सीबीएससी पाठ्यक्रम: राजा

Vishal Kesharwani | Updated: 19 Sep 2019, 08:10:38 PM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

Raja said For making money, they teach Hindi in their schools and for politics, they oppose it

पैसा बनाने के लिए वे लोग अपने स्कूलों में हिन्दी पढ़ाते हैं और राजनीतिक लाभ के लिए इसका विरोध करते है, उनके इस क्रिया का खुलासा करना बहुत ही जरूरी है।

डीएमके अपने संबंधित स्कूलों में बंद कराए सीबीएससी पाठ्यक्रम: राजा
चेन्नई. भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एच. राजा ने राज्य में हिन्दी का विरोध करने को लेकर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके की निंदा कर कहा कि डीएमके पदाधिकारियों के नेतृत्व वाले स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम नहीं होने चाहिए, क्योंकि उसमें हिन्दी पढ़ाए जाते हैं।

पैसा कमाने के लिए पढ़ाते हैं हिन्दी
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा पैसा बनाने के लिए वे लोग अपने स्कूलों में हिन्दी पढ़ाते हैं और राजनीतिक लाभ के लिए इसका विरोध करते है, उनके इस क्रिया का खुलासा करना बहुत ही जरूरी है। वैश्विक पहचान के लिए भारतीय भाषा कि जरूरत पर राजा ने कहा कि हर देश की एक भाषा है तो भारत की भाषा क्यों नहीं? डीएमके प्रवक्ता और सांसद टीकेएस. एलंगावन की टिप्पणी, जिसमें उन्होंने कहा था कि तमिल को वैश्विक स्तर का भाषा बनाया जाए, हिन्दी योग्य नहीं है, के जबाव में राजा ने कहा भारत में तमिल की तुलना में हिन्दी ज्यादा बोले जाने वाली भाषा है।

शासनकाल के दौरान क्यों नहीं दिया गया तमिल को बढ़ावा

तमिलनाडु में डीएमके की शासन थी तो तमिल को बढ़ावा देने के लिए डीएमके ने दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा के जैसे ही तमिल प्रचार सभा क्यों नहीं शुरू किया? उन्होंने कहा कि हम तमिल का सम्मान करते है, डीएमके व अन्य के झंासे को समझ कर उन्हें तमिल विरोधी बुलाना होगा, क्योंकि वे द्रविड़ की पहचान देते हुए तमिल को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। राजा ने कहा कि नई शिक्षा नीति के मसौदे में स्कूलों में तीन भाषा की बात की गई है। इसमें तमिलनाडु के शिक्षकों के लिए देश के अन्य हिस्सों में जाकर तमिल सिखाने का मौका है। लेकिन डीएमके अपने नाकारात्मक विचार की वजह से ऐसा नहीं होने दे रही है।

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