द्रविड़ दलों के अभेद्य किले में सियासी जमीन तलाशते कमल रजनी

2019 के लोकसभा चुनावों में राज्य के दो अभिनेता भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की भरपूर कोशिश करेंगे। अभिनेता कमल हासन ने तो अपनी जमीन भी तैयार करनी शुरू कर दी है। उनकी पार्टी ने आम चुनावों की तैयारियां शुरू कर दी हैं लेकिन वे चुनाव में किन दलों के साथ गठबंधन करेंगे इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

By: Santosh Tiwari

Published: 18 Dec 2018, 06:59 PM IST

संतोष तिवारी

चेन्नई. देश के तीन राज्यों में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद कांग्रेस की अगुवाई वाले विपक्षी दलों के गठबंधन के हौसले बुलंद हैं। रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि की आदमकद प्रतिमा के अनावरण के मौके पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ साथ दक्षिणी राज्य आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू एवं केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की उपस्थिति के साथ ही पूरा विपक्ष एकजुट दिखाई दिया।

इस मौके पर भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा एवं सुपरस्टार रजनीकांत की उपस्थिति भी चर्चा का विषय रही। विपक्षी दलों के नेताओं ने सभा को संबोधित किया और एक स्वर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को अपना निशाना बनाया। स्टालिन ने तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नाम तक को प्रधानमंत्री के पद के लिए प्रस्तावित कर दिया। इससे पहले नई दिल्ली में भी कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों की बैठक हुई थी और लोकसभा चुनावों के लिए गठबंधन की जमीन तैयार की गई। उस बैठक में अन्य नेताओं के अलावा एनसीपी प्रमुख शरद पवार तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल भी थे। डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन उस बैठक में भाग लेने पहुंचे थे।

जहां तक तमिलनाडु का सवाल है इस बार लोकसभा चुनावों में नए समीकरण देखने को मिलेंगे। डीएमके के पास न तो करुणानिधि जैसा कद्दावर नेता है और न ही एआईएडीएमके के पास जयललिता जैसा करिश्माई व्यक्तित्व। एक तरफ डीएमके, कांग्रेस और वामदल एक साथ चुनाव लड़ेंगे तो दूसरी तरफ एआईएडीएमके ने अब तक अपने साथी की घोषणा नहीं की है। ईपीएस और ओपीएस के लिए टीटीवी दिनकरण बड़ी चुनौती है। विजयकांत की डीएमडीके, तमिल मानिला कांग्रेस के जीके वासन, वाइको की एमडीएमके, वीसीके के तोल तिरुमावलवन, पीएमके प्रमुख एस.रामदास जैसे कुछ नेता इस बार के लोकसभा चुनाव में जोर आजमाइश करेंगे। वे किस दल या गठबंधन में जाएंगे यह आने वाला साढ़े तीन महीने बताएगा।

अगले साल राज्य की 20 रिक्त विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में हिस्सा लेने पर भी कमल हासन की स्थिति स्पष्ट नहीं है। हासन अपनी नई पार्टी को मजबूत बनाने के लिए इन दिनों तमिलनाडु का दौरा कर रहे हैं। उनका कहना है कि हम केवल वही करेंगे जो लोगों के लिए अच्छा है। अभिनेता रजनीकांत ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। हालांकि कई बार अपने बयानों के जरिए वे चर्चा में रहते हैं। हाल ही उन्होंने कहा था कि छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे हिंदी पट्टी के राज्यों में भाजपा का चुनाव हारना और मध्य प्रदेश में चिर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के साथ कांटे की टक्कर से पता चलता है कि भाजपा ने अपना प्रभाव खो दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए प्रतिकूल चुनावी नतीजे उसके लिए झटका भी हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मजबूत शख्स मानने की उनकी धारणा और मोदी के प्रचार अभियान के बाद भी इन राज्यों में भाजपा को हुए नुकसान के बारे में 67 साल के रजनीकांत ने कहा, यह निश्चित तौर पर भाजपा के लिए बड़ा झटका है। राजनीति में कदम रखने की घोषणा कर चुके रजनीकांत ने पिछले महीने एक तरह से मोदी का जोरदार समर्थन करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री उनके साथ जुड़े 10 लोगों से कहीं ज्यादा मजबूत हैं। गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनावों में जीत के साथ सर्वाधिक ३७ सीटें एआईएडीएमके के पास हैं। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के पोन राधाकृष्णन एवं पीएमके के अन्बुमणि रामदास चुनाव जीतने में कामयाब रहे थे।

Santosh Tiwari Desk
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