राजीव गांधी हत्याकांड मामले में दोषी एजी पेरारिवलन को मिली 30 दिन की पैरोल

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बुधवार रात को देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एजी पेरारिवलन

By: Vishal Kesharwani

Published: 20 May 2021, 07:44 PM IST


-स्टालिन ने दिया आदेश
चेन्नई. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बुधवार रात को देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एजी पेरारिवलन, जो पूझल जेल में बंद है, को चिकित्सकीय आधार पर 30 दिन की पैरोल देने का आदेश दिया। पेरारिवलन की मां अरपुत्तम अम्मल ने एक याचिका दायर कर अपने बेटे को 30 दिन के साधारण पैरोल देने की मांग की थी।

 

याचिका पर विचार विमर्श करने के बाद मुख्यमंत्री ने 30 दिन के पैरोल का आदेश दिया। 30 दिन के पैरोल की स्वीकृति मिलने के बाद अरपुत्तम अम्मल ने एक मां की भावना समझकर मेडिकल की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पैरोल का आदेश देने को लेकर मुख्यमंत्री का आभार जताया। इससे पहले 18 मई को अरपुत्तम अम्मल ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा था कि कोरोना महामारी फैल रही है और तमिलनाडु की जेलों में होने वाली मौतें एक भयावह स्थिति पैदा कर रही हैं।

 

जेल की मेडिकल टीम ने पहले ही चेतावनी दी थी कि संक्रमण पेरारिवलन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि वे पहले से ही कई अन्य बीमारियों से जूझ रहा है। स्थिति को ध्यान में रखते हुए मैने लंबे समय के पैरोल के लिए याचिका दायर की है। मै मुख्यमंत्री से याचिका पर विचार कर जल्द निर्णय लेने का आग्रह करती हूं।
उल्लेखनीय है कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एडपाडी के. पलनीस्वामी के नेतृत्व वाली सरकार ने सभी हत्यारों की रिहाई को लेकर विधानसभा में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था और उस प्रस्ताव को राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित को भेज दिया गया था। हालांकि लंबा समय बित जाने के बाद भी राज्यपाल ने उस पर किसी प्रकार का निर्णय नहीं लिया।

 

जिसके बाद इस साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल से सरकार की याचिका पर निर्णय लेने को कहा था। राज्य की सभी पार्टियों ने हत्यारों की रिहाई को लेकर अपना समर्थन दिया था, लेकिन राज्यपाल ने कहा कि रिहाई को लेकर राष्ट्रपति ही तय करेंगे। इससे पहले पिछले साल मद्रास हाईकोर्ट ने पेरारिवलन को 30 दिन के पैरोल की मंजूरी दी थी और मेडिकल जांच के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने उसे एक सप्ताह और बढ़ दिया था।

 



-वाइको ने रिहाई का मामला उठाया था
स्टालिन के राज्य के नए मुख्यमंत्री बनने के बाद डीएमके की सहयोगी पार्टी और एमडीएमके महासचिव व राज्यसभा सदस्य वाइको और वीसीके नेता तोल तिरुमावलवन ने मुख्यमंत्री से सभी हत्यारों की रिहाई की मांग की थी। वाइको ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश किया है कि रिहाई को लेकर राज्य को केंद्र की मंजूरी की जरूरत नहीं है। वहीं मुख्य न्यायाधीश ने कहा है कि राज्य अपने स्तर पर रिहाई का आदेश दे सकता है। ऐसी परिस्थिति में सभी को रिहा कर देना चाहिए।

Vishal Kesharwani
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