विशेष वर्ग के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तार डीएमके सांसद को मिली जमानत

गिरफ्तारी के कुछ घंटे के भीतर ही उनको एगमोर मेट्रोपोलिटन मजिस्टे्रट कोर्ट से अंतरिम राहत मिल गई है।

By: PURUSHOTTAM REDDY

Updated: 23 May 2020, 12:56 PM IST

चेन्नई.

अनुसूचित जाति के लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद शनिवार को डीएमके के नेता आरएस भारती को अंतरिम जमानत दे दी गई। भारती को शनिवार सुबह ही चेन्नई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार के कुछ घंटे के भीतर ही उनको एगमोर मेट्रोपोलिटन मजिस्टे्रट कोर्ट से अंतरिम राहत मिल गई है। उनके वकील ने जमानत की अर्जी दी, जिसे मंजूर कर लिया गया।

राज्यसभा सांसद पर अनुसूचित जाति (एससी) के खिलाफ अपमानजनक बयान देने का आरोप है। उन्होंने कथित तौर पर ने इस साल फरवरी माह में अनुसूचित जाति के समुदाय के खिलाफ भाषण दिया था। सांसद आरएस भारती के खिलाफ 1989 के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। डीएमके नेता के खिलाफ चेन्नई के दो पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।

चेन्नई पुलिस ने शनिवार सुबह ही 73 साल के राज्यसभा सांसद आर.एस भारती को उनके घर से गिरफ्तार किया था। उन्होंने कथित तौर पर इस साल 14 फरवरी को अनुसूचित जाति के समुदाय के खिलाफ बयान दिया था। भारती पर आरोप है कि अपने भाषण में जस्टिस वरदराजन का जिक्र करते हुए पूरी अनुसूचित जाति के लोगों के लिए घृणास्पद टिप्पणी की।

आरोपों और गिरफ्तारी पर सांसद की ओर से कहा गया है कि इस साल फरवरी में पार्टी की एक बैठक में दिए उनके भाषण के एक हिस्से को तोड़ा-मरोड़ कर गलत तरीके से मीडिया और सोशल मीडिया पर पेश किया गया। उनका कहना है कि बयान देने के तीन महीने से भी ज्यादा समय बाद उनकी गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है क्योंकि वो अन्नाद्रमुक सरकार के भ्रष्टाचार पर बोल रहे हैं।

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