रिश्ते-नाते यूथ एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने ली शपथ

रिश्ते-नाते यूथ एसोसिएशन का 201९-२० के लिए चुने गए अध्यक्ष, सचिव तथा अन्य सदस्यों का शपथग्रहण समारोह होटल डेक्कन प्लाजा में सम्पन्न...

चेन्नई।रिश्ते-नाते यूथ एसोसिएशन का 201९-२० के लिए चुने गए अध्यक्ष, सचिव तथा अन्य सदस्यों का शपथग्रहण समारोह होटल डेक्कन प्लाजा में सम्पन्न हुआ। संघ के सभी सदस्यों की मौजूदगी में शपथग्रहण समारोह उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ।

सत्र २०१९-२० के लिए अध्यक्ष रवि जैन, सचिव दिलीप राणौड़ और कोषाध्यक्ष देवीचंद को चुना गया। इसके अलावा कार्यकारिणी सदस्य राजकुमार कांकरिया, सुजीत तोपनीवाल, विजय दम्मानी, मनोज जैन, महेन्द्र बालर, नेमीचंद, राकेश, दिलीप जैन, महेश भूतड़ा, हंसमुख, राजेश जैन, रमेश, जयंतीलाल, विनोद कटारिया, राजेश शाह कार्यकारिणी सदस्य के लिए नियुक्त किए गए। रानी भूतड़ा और रेखा मालू ने शपथग्रहण समारोह में आए सभी महानुभावों का धन्यवाद किया तथा नवनियुक्त अध्यक्ष और सचिव ने संघ की गतिविधियों तथा अन्य कार्यों को पहले से भी बेहतर तरीके से चलाने का निर्णय लिया।

चारित्र आराधना करने से पूर्व दर्शन की विशुद्धि अनिवार्य

चूलै स्थित सुधर्म जैन पौषधशाला में सोमवार को जयधुरंधर मुनि ने कहा चारित्र आराधना करने से पूर्व दर्शन की विशुद्धि अनिवार्य है। सम्यक्त्व के अभाव में की गई सारी क्रियाएं शून्य हैं। वस्तु के यथार्थ स्वरूप में मानना ही सम्यक्त्व है और इसके विपरीत श्रद्धा मिथ्यात्व है। मोक्ष मंजिल को प्राप्त करने के लिए सबसे पहले सम्यग्दर्शन रूपी आधारशिला आवश्यक है। सम्यग्दर्शन रूपी सुदृढ़ नींव से ही मोक्ष मंजिल का निर्माण हो सकता है। मुनि ने कहा जीव संसार में अनेक भवों में भटकने के बाद सम्यक्त्व की प्राप्ति करता है। गुरु के हाथों तराशे गए साधक शीघ्र ही दर्शन विशुद्धि कर लेते हैं। वीतरागी देवों पर सच्ची श्रद्धा ही सम्यक्त्व का लक्षण है।

मुकेश शर्मा Reporting
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