कोयम्बत्तूर में बनेंगे इसरो के लिए रॉकेट इंजन

जानकारी एल एंड डी डिफेन्स बोर्ड के सदस्य जयंत पाटिल ने दी

By: Arvind Mohan Sharma

Published: 23 May 2018, 01:20 PM IST

इसके लिए जल्द ही कोयम्बत्तूर में संयंत्र की स्थापना की जाएगी,कोयम्बत्तूर में 5 वें संयंत्र की स्थापना का काम जोरों पर है, वर्तमान वित्तीय वर्ष के अंत तक संयंत्र में काम शुरु हो जाएगा

कोयम्बत्तूर. एल एंड डी डिफेन्स कोयम्बत्तूर में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के लिए राकेट के इंजन का निर्माण करेगी। इसके लिए जल्द ही कोयम्बत्तूर में संयंत्र की स्थापना की जाएगी। यह जानकारी एल एंड डी डिफेन्स बोर्ड के सदस्य जयंत पाटिल ने दी। उन्होंने बताया कि कोयम्बत्तूर में 5 वें संयंत्र की स्थापना का काम जोरों पर है। वर्तमान वित्तीय वर्ष के अंत तक संयंत्र में काम शुरु हो जाएगा। पाटिल ने कहा इसरो की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कोयम्बत्तूर में रॉकेट इंजन का निर्माण किया जाएगा।

 

 

इसरो की मांग हाल ही में 10 से 12 इंजन से बढ़ कर दोगुना हो गई है। इसलिए कोयम्बत्तूर में एक और संयंत्र लगाने का फैसला किया गया है।कोयम्बत्तूर को चुने जाने का कारण उन्होंने बताया कि यहां इंजन के काम में आने वाली सामग्री की बेहतर आपूर्ति संभव है,उल्लेखनीय है कि कोयम्बत्तूर में एल एंड डी डिफेन्स के पहले से संचालित संयंत्र में ब्राह्मोस मिसाइलों के लिए एयरफ्रेम बनाया जा रहा है

उन्होंने बताया कि वडोदरा में एल एंड डी डिफेन्स की निर्माण इकाई पहले से ही काम कर रही है। इसरो की मांग हाल ही में 10 से 12 इंजन से बढ़ कर दोगुना हो गई है। इसलिए कोयम्बत्तूर में एक और संयंत्र लगाने का फैसला किया गया है।कोयम्बत्तूर को चुने जाने का कारण उन्होंने बताया कि यहां इंजन के काम में आने वाली सामग्री की बेहतर आपूर्ति संभव है। यह शहर इंजन व पार्ट निर्माण में पहले से ही अग्रणी है। यहां तकनीक के लिहाज से माहौल बेहतर है। उल्लेखनीय है कि कोयम्बत्तूर में एल एंड डी डिफेन्स के पहले से संचालित संयंत्र में ब्राह्मोस मिसाइलों के लिए एयरफ्रेम बनाया जा रहा है।

Arvind Mohan Sharma Desk
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