जीवन को रोशन करेगी रोशनी

जीवन को रोशन करेगी रोशनी

Ashok Singh Rajpurohit | Publish: Sep, 06 2018 11:27:52 AM (IST) Chennai, Tamil Nadu, India

-प्रौढ़ शिक्षा पाठ्यक्रम रोशनी की शुरुआत
-श्री कन्हैयालाल अग्रवाल बाल निकेतन स्कूल एवं राजस्थान पत्रिका का संयुक्त आयोजन

चेन्नई. हम जिंदगी को अपने अनुसार बदलें। जीवन में आने वाली मुसीबतों एवं चुनौतियों से घबराएं नहीं बल्कि दृढ़ता से उनका मुकाबला करें। हम सपने देखें और उन्हें हासिल करने के लिए पूरा प्रयास भी करें जो जरूर हमें सफलता हासिल करने से कोई रोक नहीं सकता।
एयर इंडिया की कमांडर कैप्टन सोनिया रानी जैन ने यह बात कही। वे बुधवार को यहां श्री कन्हैयालाल अग्रवाल बाल निकेतन स्कूल एवं राजस्थान पत्रिका के संयुक्त तत्वावधान में शुरू हुए प्रौढ़ शिक्षा पाठ्यक्रम रोशनी की शुरुआत के मौके पर बोल रही थी। साहुकारपेट के चिन्ना नायकन स्ट्रीट स्थित बाल निकेतन स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा समय तो 24 घंटे का सबके पास है लेकिन जरूरत समय प्रबंधन की है। अगर समय का प्रबंधन करना हमने सिख लिया तो हर कार्य हमारे लिए आसान हो जाएगा। समय आपका है। या तो उसे सोकर गुजार दें या फिर उसे सोना बना दें। यह आप पर निर्भर करता है कि आप समय को कैसा बनाना चाहते हैं। जिंदगी हमें बहुत सिखाती है। जीवन भर सीखते जाएं। जिंदगी हमें कई अवसर देंगी। यदि हमने सही अवसर को पहचान लिया तो जिंदगी बदल सकती है। महिलाओं के सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि आज शायद कोई क्षेत्र ऐसा नहीं है जिसमें महिला ने अपनी योग्यता सिद्ध न की हो। हर क्षेत्र में आज महिला अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर रही है। बाल निकेतन स्कूल की ही पूर्व छात्रा रही सोनिया ने अपनी स्कूल से जुड़ी पुरानी यादें ताजा करते हुए शिक्षक दिवस के अवसर पर स्कूल की शिक्षिकाओं से आशीर्वाद लिया।
बाल निकेतन स्कूल के कोरस्पोन्डेन्ट गिरधरदास सांवल ने कहा बाल निकेतन स्कूल पिछले दस सालों से प्रौढ़ शिक्षा कक्षाएं संचालित कर रहा है। इसके तहत विद्यालय परिसर में महिलाओं के लिए निशुल्क प्रौढ़ शिक्षा कक्षाएं चलाई जाती है। जिसके अंतर्गत हिन्दी, अंग्रेजी, तमिल, कम्प्यूटर एवं योगासन की शिक्षा दी जाती है। इन कक्षाओं में भाग लेने के लिए कन्हैयालाल अग्रवाल बाल निकेतन स्कूल साहुकारपेट में पंजीयन कराया जा सकता है। उन्होंने शिक्षा का महत्व समझाते हुए कहा कि यदि हम अपनी मातृभाषा के साथ अन्य भाषाएं भी सीखते हैं तो हमारे लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है और हमारा कार्य भी काफी आसान बन सकता है। पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी के लेखन की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कोठारी की लिखी कई पुस्तकें उन्होंने पढ़ी है। जिस तरह उनकी लेखनी में जीवन दर्शन को स्थान दिया जाता है वह वाकई बेहद जीवन को बदलने वाला होता है। वेद पर उनकी गजब की पकड़ है।
इस अवसर पर समाजसेवी जेठमल चांडक विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। हर वर्ष इंदु चाण्डक का रोशनी में विशेष सहयोग रहता है। स्कूल की प्रधानाध्यापिका आर. सरस्वती भी मंच पर मौजूद थीं। अभिभावक अनिता कडेल ने कहा रोशनी सरीखे कार्यक्रम निश्चित रूप से महिलाओं को आगे बढ़ाने में मददगार बन सकेंगे। अभिभावक भारती सोनी ने महिलाओं को ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेने की आवश्यकता जताई।
राजस्थान पत्रिका के वरिष्ठ उपसंपादक अशोकसिंह राजपुरोहित ने राजस्थान पत्रिका के सामाजिक सरोकारों के बारे में जानकारी दी। स्कूल की शिक्षिका मीतू ने समारोह का संचालन किया। परी कुमावत ने मुख्य अतिथि का परिचय दिया। निखिल शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। खुशी राजपुरोहित ने राजस्थान पत्रिका के बारे में प्रकाश डाला। निवा जैन ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर एस.एस.डी.वी. एसोसिएशन की कार्यकारिणी सदस्य संतोष बिसानी, अरुणा फोमरा एवं भावना त्रिवेदी भी उपस्थित थी। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। स्कूल के बच्चों ने इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम की भी प्रस्तुति दी। समारोह में स्कूल में लम्बे समय से उल्लेखनीय सेवाएं देने वाली प्रधानाध्यापिका आर. सरस्वती एवं शिक्षिकाएं जी. सरस्वती, आर. स्वाति व मधुशा का भी विशेष सम्मान किया गया।

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned