शशिकला के खिलाफ प्रस्ताव को लेकर एआईएडीएमके की जिला इकाइयां बंटी

शशिकला के खिलाफ प्रस्ताव को लेकर एआईएडीएमके की जिला इकाइयां बंटी
- पिछले दिनों किया था प्रस्ताव पारित

By: ASHOK SINGH RAJPUROHIT

Published: 03 Jul 2021, 08:50 PM IST

चेन्नई. पिछले महीने पार्टी के संयुक्त समन्वयक एडपाडी के पलनीस्वामी ने अपने पैतृक सेलम जिला स्तर के पदाधिकारियों के बीच एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें शशिकला को एआईएडीएमके कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम पैदा करने की निंदा की गई। प्रस्ताव में शशिकला को बाहरी बताया गया। पुदुकोट्टै, नागपट्टिनम, तंजावुर, तेनी, विरुदनगर, मदुरै में कई पार्टी जिला और नगर इकाइयों ने अभी तक शशिकला के खिलाफ प्रस्ताव नहीं अपनाया है।
पार्टी के एक वरिष्ठ ने खुलासा किया कि पार्टी के पदाधिकारी इन प्रस्तावों को लेकर बंटे हुए हैं। पूर्व एआईएडीएमके मंत्री जैसे ओएस मणियन, सेलूर के राजू, सी विजयभास्कर, राजेंद्र बालाजी, आर वैद्यलिंगम और तेनी में एआईएडीएमके समन्वयक ओ पनीरसेल्वम के समर्थक अनिश्चित हैं और इस मुद्दे में ज्यादा नहीं घसीटना चाहते हैं। सामान्य प्रथा यह है कि जिला बैठकों में पारित इन प्रस्तावों को पार्टी मुख्यालयों को प्रशासनिक कारणों से और पार्टी के उपनियमों का पालन करने के लिए भेजा जाता है। डेल्टा में एक जिला सचिव ने भी अपने समर्थकों से कहा था कि चिन्नम्मा शशिकला पहले ही हमारी पार्टी से बेदखल हो चुकी है, फिर हमें समय-समय पर उनके खिलाफ प्रस्ताव क्यों पारित करने पड़ते हैं। हमें उनकी उपेक्षा करनी चाहिए और अपनी पार्टी का काम जारी रखना चाहिए।
एकमत नहीं
एआईएडीएमके के एक पूर्व विधायक ने कहा, डेल्टा और दक्षिण तमिलनाडु क्षेत्र के कुछ जिला सचिव शशिकला की उपेक्षा करना चाहते हैं, लेकिन राजनीतिक अवसरों के दायरे को कम करने के लिए उनका विरोध नहीं करना चाहते हैं। वे अपने राजनीतिक रुख से स्पष्ट हैं कि ईपीएस को खुश करने के लिए बेवजह शशिकला का विरोध क्यों किया जा रहा है। ईपीएस के विपरीत, ओपीएस फिर से लोगों को शशिकला के खिलाफ एक प्रस्ताव अपनाने के लिए मजबूर नहीं कर रहा है।
बताया आंतरिक मामला
जब एआईएडीएमके के प्रवक्ता से शशिकला को लेकर एआईएडीएमके की जिला इकाइयों के बंटवारे के मुद्दे पर संपर्क किया गया तो पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि ये मामूली आंतरिक मुद्दे हैं। प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी के संकल्प स्थानीय पार्टी के लोगों द्वारा स्थानीय मुद्दे को देखते हुए तय किए जाते हैं और यह सिर्फ प्रतीकवाद का प्रतीक है। कुछ लोग सोचते हैं कि शशिकला एक मुद्दा है और संकल्प को अपनाते हैं। कुछ लोग उनकी उपेक्षा करते हैं क्योंकि वह पार्टी की सदस्य भी नहीं हैं।

ASHOK SINGH RAJPUROHIT
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