मेडिकल कॉलेजों में 50 प्रतिशत कोटा देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया

तमिलनाडु के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले में OBC को आरक्षण देने का मामला
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की 50 प्रतिशत आरक्षण देने वाली याचिका

 

By: PURUSHOTTAM REDDY

Published: 26 Oct 2020, 05:04 PM IST

चेन्नई.

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तमिलनाडु सरकार और एआईएडीएमके पार्टी की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें ये मांग की गई थी कि राज्य की नीट मेडिकल सीटों पर 50 फीसदी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण लागू किया जाए। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव, हेमंत गुप्ता और अजय रस्तोगी की पीठ ने की है। याचिका में मांग की गई थी कि केंद्र द्वारा ऑल इंडिया कोटा के तहत वर्तमान शैक्षणिक वर्ष में पोस्ट ग्रेजुएट, ग्रेजुएट मेडिकल और डेंटल कोर्स में ओबीसी को 50 फीसदी आरक्षण की मंजूरी दी जाए।

विस्तार करना असंभव: केन्द्र
इस मामले में केंद्र सरकार ने कहा था कि इस साल 50 फीसदी ओबीसी आरक्षण का विस्तार कर पाना असंभव है। जिसके बाद तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस याचिका में कहा गया था कि राज्य में एससी और एसटी श्रेणी के लिए 69 फीसदी आरक्षण है। इसमें ओबीसी का हिस्सा 50 फीसदी है। तो आरक्षण के तहत 50 फीसदी ओबीसी के लिए होना चाहिए। यानी 50 फीसदी सीटों पर ओबीसी उम्मीदवारों को दाखिला दिया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज
याचिका में ये भी कहा गया कि ओबीसी के लिए आरक्षण की ठीक से व्यवस्था नहीं होना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। इसमें केंद्र द्वारा ऑल इंडिया कोटा के तहत तमिलनाडु के मेडिकल कोर्सेज में ओबीसी को 50 फीसदी आरक्षण नहीं दिए जाने का विरोध किया गया है। इसमें कहा गया कि ऑल इंडिया कोटा के तहत तमिलनाडु को जो सीट दी गई हैं, उनमें से 50 फीसदी पर ओबीसी उम्मीदवारों को दाखिला दिया जाना चाहिए। हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट ने भी 50 फीसदी ओबीसी आरक्षण को लागू करने से इनकार कर दिया है।

Show More
PURUSHOTTAM REDDY
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned