हर साल निजी स्कूलों में प्रवेश की मारामारी, इस बार सरकारी स्कूलों में हो रहे रिकॉर्ड एडमिशन

- अभिभावकों की आर्थिक तंगी बन रही मुख्य वजह
- निजी स्कूलों की भारी-भरकम फीस चुकाने में हैं असमर्थ
- अब सरकारी स्कूलों में संसाधन व सुविधाएं जुटाने की मांग हुई तेज

By: Ashok Rajpurohit

Published: 15 Oct 2020, 10:40 AM IST

चेन्नई. कोरोना महामारी के चलते कई तरह के बदलाव देखने को मिले है। शिक्षा के क्षेत्र में भी कई परिवर्तन देखने को मिल रहे है। अब तक अभिभावक अक्सर अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलाने में कतराते रहे हैं तथा निजी स्कूल में प्रवेश को प्राथमिकता देते रहे हैं लेकिन कोरोना महामारी में यह मिथक टूटता नजर आ रहा है। तमिलनाडु की सरकारी स्कूलों में इस बार बम्पर प्रवेश देखने को मिल रहे हैं। इस अकादमिक सत्र में ऐसे छात्र भी सरकारी स्कूल में दाखिला ले रहे हैं जो निजी स्कूलों में पढ रहे थे।
मौजूदा समय में तमिलनाडु में 37,400 सरकारी स्कूलें तथा 8,300 सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलें हैं। इनमें करीब 66 लाख छात्र पढ़ रहे हैं। लेकिन इस साल सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का जबरदस्त रुझान देखा गया है। कोविड-19 लॉकडाउन के कारण कई अभिभावकों की वित्तीय स्थिति डगमगा गई है और यही वजह है कि कई अभिभावक निजी स्कूलों की भारी-भरकम फीस देने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं। ऐसे में अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भर्ती करा रहे हैं। स्कूली शिक्षा विभाग ने भी इस बार नियमों में छूट दी है।
स्कूल शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सरकारी स्कूल में इस बार आधार कार्ड के बेस पर ही कई छात्रों को प्रवेश दे दिया गया है क्योंकि कई निजी स्कूल छात्रों को स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) नहीं दे रहे हैं।
अभी और ले सकते हैं प्रवेश
इतना ही नहीं राज्य ने उन सरकारी स्कूलों को नीट में भी 7.5 फीसदी आरक्षण देने की बात कही है जिनके बच्चे सरकारी स्कूल में पढ रहे हैं। सरकारी अधिकारियों की मानें तो इस बार पांच लाख नए प्रवेश हो चुके हैं। इनमें 2.8 लाख पहली कक्षा के हैं। बताया जाता है कि करीब 2.2 लाख बच्चों ने कक्षा छह, नवीं, दसवीं व ग्यारहवीं कक्षा में प्रवेश लिया है। सीबीएसई स्कूल में पढ़ रहे करीब 25 हजार बच्चों ने भी इस बार सरकारी स्कूलों में प्रवेश करा लिया है। अब तक अंतिम तिथि में करीब एक सप्ताह बाकी है। ऐसे में और करीब 50 हजार नए छात्र सरकारी स्कूलों में प्रवेश ले सकते हैं।
शिक्षकों की मेहनत सराहनीय
तमिलनाडु शिक्षक संघ के अध्यक्ष पी.के.इलामरन कहते हैं, सरकारी स्कूलों के प्रति इस बार रुझान को देखते हुए सरकार को सरकारी स्कूलों में सुविधाएं विकसित करने की तरफ ध्यान देना चाहिए। सरकारी स्कूल के शिक्षकों ने भी रात-दिन मेहनत कर नए छात्रों को प्रवेश दिलाया। उनकी सेवा की जितनी सराहना की जाएं कम है।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन अधिक
इस बार शिक्षा का अधिकार अधिनियम (राइट टू एजुकेशन एक्ट) के तहत आवेदन अधिक आए हैं। ऐसे में इसके तहत आए आवेदनों की छंटनी कर योग्य छात्रों को प्रवेश दिए जा रहे हैं। लेकिन सरकार को इस मद में स्कूलों को समय पर भुगतान करना चाहिए ताकि स्कूलों में भी अध्ययन कराने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं रहे।
- अशोक केडिया, प्रबंध न्यासी, जयगोपाल गरोडिया स्कूल, चेन्नई।

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