सुनील गावस्कर: क्रिकेट में भ्रष्टाचार को काबू में नहीं कर सकते

सुनील गावस्कर: क्रिकेट में भ्रष्टाचार को काबू में नहीं कर सकते
Sports news sunil gavaskar react on match fixing in TNPL

Purushotham Reddy | Updated: 23 Sep 2019, 06:33:10 PM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

Sports news Sunil Gavaskar react on match-fixing in TNPL: टीएनपीएल में कुछ खिलाड़ी और मैच अधिकारी फिक्सिंग में शामिल हैं। अब इस मामले की जांच भी शुरू हो चुकी है। Cricket Match Tamilnadu Premier League, TNPL

 

चेन्नई.

पू्र्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि क्रिकेट में मैच फिक्सिंग पर पूरी तरह से काबू पाना मुश्किल है क्योंकि हमेशा कोई ना कोई लालच में ऐसा करने के लिए तैयार रहेगा जिसका कोई इलाज नहीं है।

 

सुनील गावस्कर ने कहा है कि क्रिकेट में मैच फिक्सिंग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सकता। उनके मुताबिक, फिक्सिंग की बुराई की जड़ में लालच है, और इसका कोई इलाज नहीं है। लिटिल मास्टर के नाम से मशहूर इस महान बल्लेबाज ने यह टिप्पणी तमिलनाडु क्रिकेट लीग (टीएनपीएल) में मैच फिक्सिंग के आरोपों पर की।

एक रिपोर्ट में कहा गया था कि टीएनपीएल में कुछ खिलाड़ी और मैच अधिकारी फिक्सिंग में शामिल हैं। अब इस मामले की जांच भी शुरू हो चुकी है।

 

आप इससे बच नहीं सकते

सुनील गावस्कर ने कहा कि मैं कल्पना कर सकता हूं कि कभी-कभी हालात को देखते हुए खिलाड़ी सोच सकता है कि मैं इससे बच निकलूंगा लेकिन आप इससे बच नहीं सकते। इन खबरों को लेकर बीसीसीआई ने अपना पुराना रुख फिर साफ करते हुए कहा था कि उसकी जीरो टोलरेंस की नीति जारी रहेगी।

 

उन्होंने कहा कि लालच ऐसी बला है जिसे शिक्षा, मार्गदर्शन, सेमीनार या भ्रष्टाचार रोधी अधिकारी नहीं सुधार सकते. सर्वश्रेष्ठ समाज, सबसे ज्यादा विकसित समाज में भी अपराधी होते हैं। क्रिकेट में भी आपके पास अलग तरह के लोग होते हैं जो लालच में आ जाते हैं।

खिलाड़ी सोचता है कि वह इससे बच निकलेगा

गावस्कर ने कहा कि अब तकनीक के माध्यम से इस बात को सुनिश्चित किया जाता है कि ऐसे लोग बच नहीं पाएं। उन्होंने कहा कि मैं उन स्थितियों को समझ सकता हूं जहां खिलाड़ी सोचता है कि वह इससे बच निकलेगा, लेकिन आप बच नहीं सकते क्योंकि इसे टीवी पर दिखाया जा रहा है, हर एक छोटी चीज दिखाई जा रही है। आप कुछ गलत करते हैं तो पकड़े जाएंगे।

 

लोगों को अब भी क्रिकेट पसंद है
भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के बाद भी भारत के पूर्व कप्तान को लगता है कि इन टूर्नामेंटस को लोगों का समर्थन हासिल है और यह भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि आप जिलों से आ रही प्रतिभाओं को देखिए। उदाहरण के तौर पर कर्नाटक प्रीमियर लीग, कई लोग राज्य के अंदरुनी इलाकों से आए हैं जिन्हें कर्नाटक के सर्वश्रेष्ठ जौहरी भी शायद नहीं निकाल पाते।

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