मुख्यमंत्री स्टालिन ने अन्नादुरई को उनकी जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि, मौन मार्च का नेतृत्व किया

मुख्यमंत्री ने चेपॉक वालाजाह रोड से मरीना बीच पर अन्ना स्क्वायर तक एक मौन मार्च का नेतृत्व किया।

By: PURUSHOTTAM REDDY

Updated: 15 Sep 2021, 05:24 PM IST

चेन्नई.

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन सहित उनके मंत्रिमंडल के साथ-साथ द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) के विधायकों ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री सी.एन. अन्नादुरई की 112वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने चेपॉक वालाजाह रोड से मरीना बीच पर अन्ना स्क्वायर तक एक मौन मार्च का नेतृत्व किया।

स्टालिन के नेतृत्व में अन्ना स्क्वायर तक मौन मार्च के दौरान डीएमके विधायक, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। डीएमके के वरिष्ठ नेता और मंत्री, एस. दुरईमुरुगन, पी.के. शेखर बाबू, पूर्व केंद्रीय मंत्री टी.आर. बालू, ए. राजा सहित अन्य लोग मुख्यमंत्री स्टालिन के साथ उपस्थित थे।

अन्नाद्रमुक के संयुक्त समन्वयक और पूर्व सीएम एडपाडी के. पलनीस्वामी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के पी मुनुसामी, आर वैथिलिंगम और सी पोन्नईयन के साथ अन्नासलाई पर पेरारिनार अन्ना के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। अन्ना के नाम से लोकप्रिय सीएन अन्नादुरई 1967 से 1969 तक मद्रास राज्य के पांचवें और अंतिम मुख्यमंत्री और तमिलनाडु के पहले मुख्यमंत्री थे। वह द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) के संस्थापक थे।

वह पेरियार रामासामी के करीबी सहयोगी थे और तमिल भाषा के एक उत्कृष्ट वक्ता थे। उन्होंने कई नाटकों और फिल्मों की पटकथा लिखी और तमिल फिल्मों को लोगों के प्रति राजनीतिक संदेश देने का एक लोकप्रिय माध्यम बनाया और ऐसा करने में वे बेहद सफल रहे।

PURUSHOTTAM REDDY
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