स्टालिन ने तीन भाषा की नीति पर उठाया सवाल

विधानसभा में हिन्दी सहित त्रिभाषाई हैंडबुक : पिछले कुछ दशकों में संभवत: यह पहला मौका होगा जब तमिलनाडु विधानसभा में हिन्दी दिखी हो। स्वास्थ्य विभाग द्वारा विधानसभा सदस्यों को दी गई हैंडबुक में तमिल और अंग्रेजी के अलावा हिन्दी भाषा की सामग्री भी थी।

By: MAGAN DARMOLA

Published: 17 Sep 2020, 12:39 AM IST

चेन्नई. पिछले कुछ दशकों में संभवत: यह पहला मौका होगा जब तमिलनाडु विधानसभा में हिन्दी दिखी हो। स्वास्थ्य विभाग द्वारा विधानसभा सदस्यों को दी गई हैंडबुक में तमिल और अंग्रेजी के अलावा हिन्दी भाषा की सामग्री भी थी। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एम. के. स्टालिन ने इसकी आड में सरकार की तीन भाषाई नीति पर सवाल उठाया। स्वास्थ्य मंत्री विजयभास्कर ने स्पष्ट कर दिया कि यह सरकार दो भाषाई नीति पर ही कायम है।

विधानसभा में बुधवार को आयुष मंत्रालय द्वारा प्रकाशित और मुद्रित औषधियों के नाम वाली हैंडबुक पेश की गई। यह हैंडबुक तमिल, अंग्रेजी और हिन्दी भाषा में थी। स्टालिन इसे देखते ही ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाए।

उन्होंने प्रश्न किया कि स्वास्थ्य विभाग की पुस्तक क्यों तीन भाषा में है? स्वास्थ्य मंत्री विजय भास्कर ने तत्काल स्पष्टीकरण दिया कि यह जड़ी-बूटी और औषधियों की विशेषता दर्शाने वाली पुस्तक है जिसका प्रकाशन आयुष मंत्रालय की ओर से किया गया है। इसमें जड़ी-बूटी के नाम हिन्दी में अंकित हैं। इसलिए मामले को तूल देने की आवश्यकता नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित किए जाने की वजह से यह हिन्दी में भी है।

स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा से कहा कि वे मुख्यमंत्री की दो भाषाई नीति संबंधी वचन का स्मरण कराना चाहते हैं। इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं है।

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