स्टेप्स स्टोन ने दिए हीरोज ऑफ चेन्नई अवार्ड

स्टेप्स स्टोन ने यहां रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में हीरोज ऑफ चेन्नई 2018 अवार्ड वितरित किए। यह पुरस्कार सर्वाधिक क्लीन एवं क्रेडिबल अवार्ड प्लेटफार्म है।

By: मुकेश शर्मा

Published: 30 Dec 2018, 10:46 PM IST

चेन्नई।स्टेप्स स्टोन ने यहां रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में हीरोज ऑफ चेन्नई 2018 अवार्ड वितरित किए। यह पुरस्कार सर्वाधिक क्लीन एवं क्रेडिबल अवार्ड प्लेटफार्म है।
इस पुरस्कार वितरण समारोह में एक्टर आरजे बालाजी, जीआरटी होटल्स के सीओओ विक्रम कोटाह, गिनीज वल्र्ड रिकार्ड सेफ डामू तथा मा फोई ग्रुप की सह संस्थापक लता पांडियराजन उपस्थित थे। यह अवार्ड ड्रीम क्राफ्ट इवेंट्स द्वारा दिए जाते हैं।

यह पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने अपने कार्य क्षेत्र में जबरदस्त प्रभाव बनाया और लोगों को प्रेरित किया। यह पुरस्कार कई श्रेणियों में दिया जाता है। इस मौके पर गीत-संगीत तथा नृत्य के कार्यक्रम भी हुए।

इस मौके पर मातरम फाउंडेशन की ओर से चेंज 123 लांच किया गया। इसके जरिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभावान (80 प्रतिशत से अधिक) विद्यार्थियों को निशुल्क उच्च शिक्षा दी जाएगी। निशुल्क नामांकन के लिए विभिन्न शिक्षण संस्थानों के साथ भागीदारी की गई है। इसके अलावा विद्यार्थियों को विभिन्न कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि वे रोजगार पा सकें। अब तक 677 विद्यार्थियों को इससे लाभ हुआ है।

सेवा करने वालों को मिलता है मोक्ष

तंडियारपेट के सभापति स्ट्रीट स्थित धर्मस्थल में विराजित गौतममुनि ने कहा परमात्मा के प्रति प्रेम रखने वालों का बेड़ा पार हो जाता है। मोक्ष और परमात्मा के प्रति प्रेम लगाने वालो का जीवन परम पावन बन जाता है। जब भी ऐसी सेवा करने का मौका मिले तो लाभ उठा लेना चाहिए। सेवा करना जीवन में सबसे बेहतर मार्ग माना गया है। अनशन करना उतना कठिन नही होता जितना कठित सेवा माना जाता है। उत्तम सेवा गुण का जब भी भाव बने तो समझ लो कि जीवन कल्याण की ओर बढ़ रहा है।

सेवा से सिद्धि मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। जो अवसर का लाभ उठा लेते है वे अपने जीवन को सुखद बना लेते है। आंतरिक तप करते हुए मनुष्य को अपने जीवन को पावन बनाने का प्रयास करना चाहिए। धर्म की आराधना करने के साथ लोगों को सेवा भावी बनने की जरूरत है। जीवन में सेवा का आदर्श होने की जरूरत होती है। संघ, समाज और जिनशासन की जब भी सेवा करने का मौका मिले तो दिल से करना चाहिए। सौभाग्यशाली लोगों को ही ऐसा करने का मौका मिलता है।

भक्ति और निष्ठा के साथ मनुष्य अपने संघ और समाज की गरीमा बढ़ा कर जीवन को श्रेष्ठ बना लेता है। सागरमुनि ने कहा मनुष्य का आचरण ही उसे ऊंचाईयों पर ले जाने का कार्य करता है। मनुष्य कितना भी ज्ञानी क्यों ना हो लेकिन आचरण नहीं होने पर सब व्यर्थ होता है। परमात्मा ने अपने आचरण से जगत के सभी जीवों पर अनंत उपकार किए है। उन उपकारों को ध्यान में रखते हुए जीवन में बदलाव करने का प्रयास करते रहना चाहिए। तभी जीवन सफलता की ओर बढ़ेगा। मुनिगण बुधवार सवेरे यहां से प्रस्थान कर एमसी रोड स्थित जैन स्थानक पहुंचेंगे। विनयमुनि ने गुम्मिडीपूंडी के लिए विहार किया।

मुकेश शर्मा Reporting
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