कोरोनाकाल में भूले स्टाइलिश बालों का क्रेज

घर पर ही बना रहे दाढ़ी और हेयर डाई, नाइयों के पास जाने से कतरा रहे

By: Ashok Rajpurohit

Published: 26 Jun 2020, 07:51 PM IST

चेन्नई. युवा पीढ़ी के स्टाइलिश बालों का क्रेज कोरोनाकाल में खत्म हो गया है। अब हैयर स्टाइल बदल गई है। कई जगह नाइयों की दुकानों में हुए संक्रमण के बाद लोग नाइयों की दुकानों पर जाने से कतरा रहे हैं। लोग घर पर ही दाढ़ी बनाने लगे हैं तो हेयर डाई भी खुद ही कर रहे हैं। लॉकडाउन के चलते लम्बे समय तक नाई की दुकानें नहीं खुली थी। इसलिए लोगों ने घर ही दाढ़ी व हेयर डाई करना मुनासिब समझा।


कई जगह हुआ था संक्रमण
कोयम्बेडु सब्जी मंडी में लॉकडाउन में एक नाई जो चोरी-छिपे लोगों के बाल काट रहा था, के संक्रमित होने पर इसका खुलासा हुआ। इस दौरान कई लोग यहां से बाल एवं दाढ़ी बना चुके थे। मध्यप्रदेश के खरगौन जिले के बडग़ांव में नाई एक ही कपड़े के इस्तेमाल से लोगों कटिंग करता और हजामत बनाता रहा। उससे भी गांव के छह लोग पॉजिटिव हो गए। जबलपुर में भी एक नाई ने एक ही उस्तरे से हजामत बनाकर पांच जनों को संक्रमित कर दिया। ऐसे में लोगों में संक्रमण का डर से नाई की दुकान पर जाना ही बंद कर दिया।


घर पर ही बना रहे दाढी
लोग बाल काटने के लिए हेयर ट्रेमर खरीदकर घर पर ही बाल काटने लगे हैं तो डाई भी खुद ही करने लगे हैं। हेयर स्टाइल रखने वाली युवा पीढ़ी अब सिम्पल हेयर स्टाइल रखने को मजबूर हो गई है। नाइयों का कहना है कि कोरोना के चलते लॉकडाउन में लम्बे समय तक दुकानें बन्द रही। इनको भी सबसे अन्त में खोलने की अनुमति दी गई। दुकानें खुलने के बाद उम्मीद थी कि अच्छी ग्राहकी होगी लेकिन बहुत कम लोग दुकानों पर बाल कटाने व दाढ़ी बनवाने के लिए आ रहे हैं। जो लोग आ रहे हैं वे भी छोटे बाल करा रहे हैं।


अब ग्राहकी घटी
एक दुकानदार ने बताया कि पहले दिनभर में दाढ़ी बनाने के लिए 15 से 20 ग्राहक आ जाते थे लेकिन अब बमुश्किल 5 से 7 ग्राहक ही आ रहे हैं। ऐसे में आमदनी घट गई है। पहले स्टाइलिश बाल काटने की डिमांड की जाती थी लेकिन अब सामान्य कटिंग अधिक करा रहे हैं। वे मास्क लगाकर, ग्लव्ज पहनकर व सेनेटाइज करके ग्राहक की कटिंग-दाढ़ी बनाते हैं फिर भी ग्राहकों का टोटा है।


हेयर ट्रेमर व डाई की डिमांड ज्यादा
सौंदर्य प्रशासन सामग्री के व्यवसायी चेन्नई प्रवासी चोखाराम जांगीड़ डबोई कहते हैं, इन दिनों लोग दाढ़ी बनाने, सिर के बाल काटने व बालों को रंगने के काम आनी वाली सामग्री अधिक खरीद कर रहे हैं। सिर के बाल काटने के लिए हेयर ट्रेमर खरीद रहे हैं जो बाजार में 300 से 5000 रुपए तक मिलता है। हेयर डाई की मांग भी ज्यादा है।


अब बरत रहे अधिक सतर्कता
चेन्नई प्रवासी सोने-चांदी व गिरवी के व्यापारी हुकमाराम गोदारा कुड़छी कहते हैं, लोग पहले की तुलना में अब अधिक सतर्कता बरतने लगे हैं। लोग अब सिर के बाल अधिक छोटे कटवाने लगे हैं ताकि दो-तीन महीने तक नाई की दुकान पर जाने की जरूरत ही नहीं रहे। वैसे कई लोग नाई को घर भी बुला रहे हैं ताकि संक्रमण का कोई डर नहीं रहे।

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