नीट आत्महत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में प्रदर्शन पर लगाई रोक

Mukesh Sharma

Publish: Sep, 09 2017 04:46:00 AM (IST)

Chennai, Tamil Nadu, India
नीट आत्महत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में प्रदर्शन पर लगाई रोक

मेडिकल कॉलेज में नामांकन लेने के लिए होने वाले नेशनल एलिजिबिलिटी एंड एंट्रेस टेस्ट (नीट) की उम्मीदवार ए. अनिता की आत्महत्या के मामले में दाखिल जनहित य

चेन्नई।मेडिकल कॉलेज में नामांकन लेने के लिए होने वाले नेशनल एलिजिबिलिटी एंड एंट्रेस टेस्ट (नीट) की उम्मीदवार ए. अनिता की आत्महत्या के मामले में दाखिल जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की।

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की खंडपीठ ने कहा कि कोई भी विरोध, सडक़ रोकना एवं सामान्य जनजीवन को प्रभावित करना अदालत की अवमानना है। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह भविष्य में नीट के नाम पर होने वाली हिंसा को रोके। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार की मुख्य सचिव तथा प्रधान सचिव को 15 सितंबर को पेश होने का नोटिस जारी किया। ये याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील जी.एस.मणि ने दाखिल की थी।

याचिका में राज्य सरकार को कानून और व्यवस्था बनाए रखने और अनिता की मृत्यु के विरोध में सामान्य जीवन को बाधित नहीं करने को सुनिश्चित करने की मांग भी की गई थी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान स्थिति खतरनाक हो गई थी। सरकार इसको रोकने में समर्थन रही। जिस पर कोर्ट ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले राजनीतिक दलों पर उपयुक्त कानून के तहत मुकदमा दर्ज करने के लिए कहा। राजनीतिक दलों ने विद्यार्थियों को प्रदर्शन के लिए उकसाया। राजनीतिक दलों को हड़ताल, बहिष्कार, मानव श्रृंखला बनाने तथा सडक़ व रेल रोकने की अनुमित नहीं दी जानी चाहिए।

कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि कानून, व्यवस्था में किसी भी तरह की समस्या खड़ी ना हो। वहीं इस मामले की न्यायिक जांच पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है। कोर्ट ने राज्य के महाधिवक्ता को आदेश दिया कि वे 18 सितम्बर को कोर्ट में पेश होकर नीट के विरुद्ध प्रदर्शन को रोकने में कानून एवं व्यवस्था की *****फलता के बारे में विस्तार से बताएं। याचिका में सरकार को सीबीएसई के अनुसार स्टेट बोर्ड का सिलेबस बनाए जाने के निर्देश देने का आग्रह किया गया था।

बता दें कि राज्य में नीट लागू होने के खिलाफ कोर्ट में लडऩे वाली सत्रह वर्षीय मेडिकल उम्मीदवार एस अनीता ने 1 सितंबर को आत्महत्या कर ली थी। एक दैनिक मजदूरी पाने वाले मजदूर की बेटी अनिता, अनुसूचित जाति से थी। पढऩे में बेहद होशियार छात्र ने 12 वीं कक्षा में 1200 अंकों में से 1,176 अंक हासिल किए थे। साथ ही मेडिकल की परीक्षा में उसके 196.75 माक्र्स थे। लेकिन वह नीट की परीक्षा में 86 अंक ही हासिल कर पाई थी। जिससे उसका मेडिकल में चयन नहीं हो सका।

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