तमिलनाडु में महिला व बाल अपराध जैसी अपराध की सजा और सख्त होगी: मुख्यमंत्री पलनीस्वामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ जुर्म में कड़ी सजा देने के लिए केंद्र की मंजूरी लेकर भारतीय दंड संहिता में संशोधन किया जाएगा।

By: PURUSHOTTAM REDDY

Updated: 16 Sep 2020, 07:09 PM IST

चेन्नई.

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलनीस्वामी ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि दहेज मांगने के कारण मौत, महिलाओं का पीछा करना और नाबालिग लड़कियों को देह व्यापार के लिए बेचने समेत महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में सजा को और सख्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ जुर्म में कड़ी सजा देने के लिए केंद्र की मंजूरी लेकर भारतीय दंड संहिता में संशोधन किया जाएगा।

उन्होंने सदन में बयान देते हुए कहा कि प्रस्तावित कदम का मकसद महिलाओं और बच्चों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रस्ताव के मुताबिक दहेज के मामलों में मौत पर (भारतीय दंड संहिता 304-बी) न्यूनतम सजा को सात साल को बढ़ाकर 10 साल किया जाएगा। वहीं महिला को निर्वस्त्र करने पर (भारतीय दंड संहिता की धारा 354 बी) न्यूनतम सजा तीन से बढ़ाकर पांच साल तथा अधिकतम सजा सात साल की जाएगी।

पलनीस्वामी ने कहा कि पीछा करने पर (भारतीय दंड संहिता की धारा 354 डी)दूसरी बार दोषी ठहराए जाने पर अधिकतम सजा को पांच से बढ़ाकर सात साल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देह व्यापार के लिए नाबालिगों की खरीद-फरोख्त करने (भारतीय दंड संहिता की धारा 372 एवं 373) के मामले में सजा को मौजूदा 10 वर्ष के कारावास से बढ़ाकर उम्र कैद किया जाएगा और न्यूनतम सजा को सात साल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध में लगातार शामिल लोगों को गुंडा अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया जाएगा।

PURUSHOTTAM REDDY
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