आज से महानगर के विभिन्न कॉलेजों में अधिक विद्यार्थियों के आने की उम्मीद

नए सेमेस्टर की शुरूआत के बाद सोमवार से कॉलेजों में अधिक संख्या में विद्यार्थियों के आगमन को ध्यान में रखते हुए

By: Vishal Kesharwani

Published: 03 Jan 2021, 02:28 PM IST


-कोरोना प्रोटोकॉल को दी जा रही प्राथमिकता
चेन्नई. नए सेमेस्टर की शुरूआत के बाद सोमवार से कॉलेजों में अधिक संख्या में विद्यार्थियों के आगमन को ध्यान में रखते हुए महानगर भर के कॉलेजों ने आईआईटी मद्रास में हाल ही में हुए कोरोना के प्रसार को देखते हुए कोरोना प्रोटोकाल को प्राथमिकता दी है। कुछ कॉलेजों ने छात्रावास के विद्यार्थियों को कॉलेज में प्रवेश देने से पहले क्वारंटाइन करने का तय किया है, जबकि मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज ने आने वाले सभी विद्यार्थियों का कैंपस में परीक्षण कराने का तय किया है।

 

उच्च शिक्षा विभाग ने यूजी और पीजी के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए दिसंबर के पहले सप्ताह से ही कॉलेज के संचालन की अनुमति दी थी। लेकिन सेमेस्टर परीक्षाओं के कारण कई कॉलेजों ने खोलने की तिथि जनवरी के पहले सप्ताह कर दी थी। लॉयला कॉलेज पिं्रसिपल थॉमस अमिरतम ने बताया अंतिम वर्ष के करीब 60 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सोमवार से कॉलेज आने की स्वीकृति प्रदान की है। छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को कक्षाओं में आने से पहले एक सप्ताह तक क्वारंटाइन किया जाएगा। इसके अलावा अन्य विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन की भी योजना बनाई गई है।

 

उन्होंने कहा कक्षाओं में सिर्फ 50 प्रतिशत विद्यार्थियों को ही अनुमति दी जाएगी। बचे हुए विद्यार्थी ऑनलाइन के माध्यम से कक्षा में शामिल होंगे। एक दिन मेंं सिर्फ 3 घंटे ही कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। बचे हुए दो घंटों में विद्यार्थियों को अतुल्यकालिक मोड में शैक्षणिक गतिविधि करना होगा। आरुमबाक्कम में स्थित डीजी वैष्णव कॉलेज के प्रिंसिपल एस. संतोष बाबू ने बताया कि विद्यार्थियों को कोरोना निगेटिव रिजल्ट प्रदान करने के बाद ही अनुमति दी जाएगी। अगर विद्यार्थियों की संख्या 50 प्रतिशत से अधिक होगी तो उनको दो बैचों में विभाजित कर दिया जाएगा। 50 प्रतिशत से कम संख्या होने पर ऑनलाइन और ऑफलाइन कक्षाओं का संचालन होगा।

 

सबसे पहले सोमवार को इस संबंध में समीक्षा बैठक की जाएगी। मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज ने दैनिक आधार पर विद्यार्थियों का तापमान जांच करने और लक्षण होने पर आइसोलेट करने का तय किया है। प्रिंसिपल पोल विल्सन ने बताया कि पोंगल के बाद ही विद्यार्थियों की पूरी संख्या की उम्मीद की जा रही है। इसी प्रकार से अन्य कॉलेजों ने भी कोरोना प्रोटोकॉल के तहत निर्णय लिया है।

Vishal Kesharwani
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned