ओपिनियन पोल के अनुसार, तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन के सत्ता में वापसी के आसार, पुदुचेरी में खिल सकता है कमल

ओपिनियन पोल के अनुसार, तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन के सत्ता में वापसी के आसार
- पुदुचेरी में खिल सकता है कमल

By: Ashok Rajpurohit

Updated: 02 Mar 2021, 05:32 PM IST

चेन्नई. ओपिनिय़म पोल के अनुसार तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन मजबूत स्थिति में है और सत्ता में वापसी के आसार बन रहे हैं। वहीं डीएमके गठबंधन का वोट प्रतिशत बढ़ने का अनुमान भी व्यक्त किया गया है।
एबीपी न्यूज सी वोटर के ओपिनियन पोल के अनुसार तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन को 154 से 162 सीटें मिल सकती है। जबकि एआईएडीएमके गठबंधन को 58 से 66 सीटें मिलने का अनुमान व्यक्त किया गया है। वहीं अन्य के खाते में 8 सीटें जाने की संभावना है। ओपिनियन पोल के मुताबिक तमिलनाडु में एआईएडीएमके गठबंधन को 29 प्रतिशत वोट मिलता दिखाई दे रहा है तो वहीं डीएमके गठबंधन को करीब 41 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है। अन्य के खाते में करीब 30 प्रतिशत वोट मिल सकता है।
पुदुचेरी में वोट प्रतिशत की बात करें तो ओपिनियन पोल में पता चला है कि भाजपा गठबंधन यानी एनडीए को को 46 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है। वहीं कांग्रेस गठबंधन को 36 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। इसके अलावा अन्य को 18 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है। ओपिनियन पोल के मुताबिक पुदुचेरी में भाजपा गठबंधन को 17 से 21 सीट मिलने का अनुमान है। वहीं कांग्रेस गठबंधन को 8 से 12 सीट मिल सकती हैं। इसके अलावा अन्य को 1 से 3 सीट मिलने की संभावना है।
साल 2016 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 15 सीटें मिली थी जबकि एआईएनआरसी ने सात सीटों पर जीत दर्ज की थी। एआईएडीएमके ने 4 सीटों पर जीत हासिल की थी। तीन सीटों पर डीएमके के नेताओं को जनता ने चुना था तो वहीं एक सीट पर निर्दलीय विधायक ने जीत हासिल की थी। राज्य में तीन विधायक मनोनित किए जाते हैं। इन तीन सीटों पर भाजपा के विधायक मनोनित किए गए थे। डीएमके और निर्दलीय विधायकों की मदद से कांग्रेस गठबंधन की सरकार को 19 विधायकों का समर्थन हासिल था लेकिन चार विधायकों के इस्तीफे और एक विधायक को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। जिसके बाद कांग्रेस की सरकार अल्पमत में आ गई थी। अल्पमत में आने के बाद फ्लोर टेस्ट से पहले राज्य के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद से पुदुचेरी में राष्ट्रपति शासन लागू है।
केरल में एलडीएफ को मिल सकता है बहुमत
ओपिनियन पोल में केरल में सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) को 40 फीसदी वोट मिलता नज़र आ रहा है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के खाते में 33 फीसदी वोट जा रहा है। जबकि बीजेपी को 13 फीसदी और अन्य को 15 फीसदी वोट मिलने की संभावना है। सीटों के लिहाज़ से देखें तो ओपिनियन पोल कहता है कि एलडीएफ के खाते में इस बार 83 से 91 सीटें जा सकती हैं और यूडीएफ को 47से 55 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। जबकि भाजपा को महज़ 0 से 2 सीटें ही मिलती दिख रही हैं। अन्य को भी 0से 2 सीटें ही मिलती नज़र आ रही हैं। केरल में 38.5 फीसदी लोगों ने सीएम के तौर पर पिनराई विजयन को अपनी पहली पसंद करार दिया। जबकि 27 फीसदी लोगों ने कांग्रेस के ओमान चांडी को अपनी पहली पसंद बताया।

Ashok Rajpurohit
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