यहां पग-पग पर अतिक्रमण का बोलबाला

यहां पग-पग पर अतिक्रमण का बोलबाला
Tamilnadu: Encroachment, Nsc bose Road, Chennai, Sowcarpet

Ashok Rajpurohit | Updated: 18 Sep 2019, 03:27:48 PM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

न नगम निगम (Corporation) गंभीर, न पुलिस (Police) -प्रशासन (Administration) , एनएससी बोस रोड फिर अतिक्रमण (Encroachment) के हवाले

चेन्नई. यहां अतिक्रमणकारी पुलिस-प्रशासन पर भारी पड़ रहे हैं। महानगर के सर्वाधिक व्यस्त बाजारों मेें से एक एनएससी बोस रोड पर पग-पग पर अतिक्रमण पसरा है। लाख चाहकर भी प्रशासन अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को बेदखल नहीं कर सका है। कभी-कभार अभियान चलाकार इन दुकानदारों को हटाने का प्रयास भी किया गया तो कुछ दिनों बाद ही अतिक्रमण करने वाले दुकानदार फिर से पुरानी जगह पर ही काबिज हो गए। न्यायालय के आदेश के बाद भी पुलिस-प्रशासन समूचे फूटपाथ पर अतिक्रमण कर दुकानें लगाने वालों को हटाने में नाकामयाब ही रहा। लम्बी कानूनी लड़ाई के बाद और कोर्ट के दखल के बाद एनएससी बोस रोड के फुटपाथ से दुकानों को हटाया भी गया लेकिन ये दुकानदार अब फिर से फुटपाथ पर अपनी दुकानें सजा चुके हैं।
अतिक्रमणकारियों को संरक्षण
दरअसल चेन्नई महानगर निगम एवं पुलिस के संरक्षण में एनएससी बोस रोड के फुटपाथ पर अतिक्रमण की अमरबेल बढ़ती गई। न तो पुलिस एवं न ही प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने को लेकर कभी गंभीर प्रयास किए। ऐसे में समूचे एनएससी बोस रोड पर फल, फूल एवं सब्जी विक्रेताओं ने कब्जा जमा लिया। राजनीतिक संरक्षण के चलते अतिक्रमणकारियों के हौसले बढ़ते गए। आखिरकार हाईकोर्ट के आदेश के बाद अतिक्रमण को हटाया गया। लेकिन अब फिर से समूचा फुटपाथ अतिक्रमण की चपेट में आ चुका है। पेरिस कार्नर से लेकर सी-1 पुलिस स्टेशन तक हाईकोर्ट के सामने बने फुटपाथ पर बरसों से फल, फूल एवं सब्जी विक्रेताओं ने अतिक्रमण कर रखा हैं।
फौरी कार्रवाई
कभी-कभार चेन्नई महानगर निगम एवं पुलिस अतिक्रमण हटाने के नाम पर फौरी कार्रवाई करती हैं। तब एकाद दिन के लिए अतिक्रमण हटाया जाता और दूसरे दिन फिर से अतिक्रमणकारी अपनी पुरानी जगह पर आ धमकते हैं। स्थानीय व्यापारियों ने कई बार अतिक्रमण हटाने की गुहार लगाई लेकिन पुलिस एवं प्रशासन की नींद नहीं खुली। एनएससी बोस रोड पर अतिक्रमण के चलते व्यापारी तो परेशान हैं ही खरीदारी के लिए वाले ग्राहक भी कम परेशान नहीं हैं।
सड़क किनारे भी कब्जा
अतिक्रमणकारियों ने फुटपाथ के साथ ही सड़क के किनारे भी कब्जा जमा रखा हैं। ऐसे में फुटपाथ जिस उद्देश्य को लेकर बनाए गए वह पूरा नहीं हो रहा हैं। पिछले साल हाईकोर्ट ने पुलिस एवं प्रशासन को सख्त निर्देश दिए जिस पर अतिक्रमण को हटाया था। साथ ही कोर्ट ने पुलिस प्रशासन को इस बात की निगरानी करने के लिए भी कहा था कि फिर से अतिक्रमण न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाएं।
आंख मिचौली का खेल
पुलिस एवं निगम के कर्मचारी इस इलाके की निगरानी तो अब भी कर रहे हैं लेकिन केवल फौरी कार्रवाई कर चले जाते हैं। कई बार जब विक्रेता फिर से फुटपाथ पर आ धमकते हैं तो पुलिस के सायरन बजाते वाहन को सुनते ही फिर से पतली गलियों में छुपने को मजबूर हो जाते हैं। निगम के वाहन भी घूमते रहते हैं और फुटपाथ पर यदि कोई विक्रेता पाया जाता है तो चेतावनी देने के बाद कभी-कभार उसका सामान जब्त कर कत्र्तव्य की इतिश्री कर ली जाती है।
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चलने के लिए रास्ता ही नहीं
अतिक्रमण के चलते ग्राहक चल भी नहीं पाते। सारा रास्ता तो अतिक्रमण की भेंट चढ़ जाता है। अतिक्रमण के कारण ही कई जगह रोड संकरी हो चुकी है।
-कुंभाराम चोयल, व्यापारी।

हो रही परेशानी
आज समूचे महानगर में कई जगह अतिक्रणण हो चुके हैं। जिन बाजारों में अतिक्रमण हो चुका हैं वहां व्यापारियों को तो परेशानी होती है बाजार आने वाले ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ती है।
-भंवरसिंह देवड़ा नारादरा, सामाजिक कार्यकर्ता व व्यापारी।

हटना ही चाहिए अतिक्रमण
पुलिस-प्रशासन की मिलिभगत से ही अतिक्रमण को बढ़ावा मिल रहा है। जहां भी अतिक्रमण हैं उन स्थानों को अतिक्रमण से मुक्त किया जाना चाहिए।
-भोमाराम सीरवी, सामाजिक कार्यकर्ता।

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