COVID19: कोरोना वायरस से तमिलनाडु में हुई पहली मौत, 54 साल के शख्स ने तोडा दम

कोरोना वायरस के विषाणु से संक्रमित 54 साल के शख्स ने बुधवार अलसुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य मंत्री सी विजयभास्कर ने यह जानकारी दी।

 

मदुरै.

तमिलनाडु के मदुरै में हाल में भर्ती कराए गए कोरोना वायरस के एक मरीज की जान चली गई है। बताया जा रहा है कि स्टेरॉइड, डायबटीज और हाइपरटेंशन के चलते यह शख्स लम्बे समय से बीमार था। मदुरै के राजाजी सरकारी अस्पताल में भर्ती कोरोना वायरस के विषाणु से संक्रमित 54 साल के शख्स ने बुधवार अलसुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य मंत्री सी विजयभास्कर ने यह जानकारी दी।

मंत्री ने दी जानकारी
स्वास्थ्य मंत्री सी. विजयभास्कर ने ट्वीट किया, 'मदुरै के रहने वाले एक 54 वर्षीय की बुधवार अलसुबह करीब तीन बजे मौत हो गई है। पिछले दो दिनों से उसका राजाजी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था, लेकिन वह ठीक नहीं हो रहा था। उसे डायबिटिज के साथ हाइपरटेंशन था। उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी।

कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं
दिलचस्प बात ये है कि इस शख्स की कोई ट्रैवल हिस्ट्री भी नहीं थी, फिर भी उसे कोरोना का संक्रमण हो गया। 23 मार्च को टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद शख्स को राजाजी अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया था। तब से उसकी हालत बिगड़ती चली जा रही थी। शख्स की मौत के बाद उसके परिवार के लोगों को भी होम क्वॉरनटाइन कर दिया गया है। मामना जा रहा है कि यह समुदाय संक्रमण का मामला हो सकता है।

तमिलनाडु में कोरोना के अब तक 18 केस
तमिलनाडु में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमण के 18 मामले आए है। इनमें से एक शख्स की मौत हो गई है, जबकि एक ठीक हो चुका है। राज्य सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग के मद्देनजर लॉकडाउन लगा रखा है। हालांकि, लोगों को जरूरी चीजें मिलती रहेंगी।

पीएम मोदी की अपील
कोरोना से बचाव के लिए मंगलवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिनों के लिए कंट्री लॉकडाउन की घोषणा की है। कोरोना से हो रही तबाही को देखते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से किसी भी कीमत पर घर के बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि 22 मार्च को जनता कफ्र्यू का संकल्प जो हमने लिया था उसकी सिद्धी के लिए भारत के लोगों ने योगदान दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि संपूर्ण लॉकडाउन के दौरान जरूरी की सेवाएं जारी रहेंगी। जैसे अस्पताल, दूध, सब्जी और दवाई दुकान। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को अंधविश्वास और अफवाहों से बचने की भी सलाह दी है।

उन्होंने कहा कि यदि यह 21 दिन नहीं संभले तो देश और आपका परिवार 21 साल पीछे चले जाएंगे। कई परिवार तबाह हो जाएंगे। यह बात मैं पीएम के तौर पर नहीं आपके घर के सदस्य के रूप में बोल रहा हूं। बाहर निकलना क्या होता है 21 दिन के लिए भूल जाएं। घर में ही रहें। आज के फैसले ने आपके घर के दरवाजे पर लक्ष्मण रेखा खींच दी है। आपको याद रखना है कि घर के बाहर आपका एक कदम कोरोना को आपके घर में ला सकता है। आपको याद रखना है कि कई बार कोरोना से संक्रमित व्यक्ति स्वस्थ लगता है। वह संक्रमित है यह पता ही नहीं चलता है। इसलिए एहतियात बरतनी है। जो लोग घर में है वे सोशल मीडिया पर नए नए तरीके से इस बात को बता रहे हैं एक बैनर जो मुझे पसंद आया मैं आपको दिखा रहा हूं।

मरने वालों की तादाद बढ़कर 13,000
विश्व में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या तीन लाख के पार पहुंच चुकी है। इटली से लेकर भारत और अमेरिका तक की सरकारों ने महामारी को फैलने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। भारत सहित दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए रविवार को करीब एक अरब लोग घरों में बंद रहे। वहीं, घातक संक्रमण से मरने वालों की तादाद बढ़कर 13,000 के पार पहुंच गई है। इस वैश्विक महामारी से सबसे बुरी तरह से प्रभावित इटली में कारखाने बंद कर दिए गए हैं। दुनियाभर के 170 देशों में रविवार को कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 308,130 है।

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