ट्रेनिंग पर शिक्षक, बोर्ड परीक्षार्थी विद्यार्थियों की बढ़ी चिंता

स्कूली शिक्षा विभाग ने पिछले महीने सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों के लिए अनेक ट्रेनिंग प्रोग्राम्स की घोषणा की थी जिसके तहत शिक्षकों का प्रशिक्षण के लिए जाना अनिवार्य है

चेन्नई. राज्य सरकार द्वारा गत जनवरी से सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल के शिक्षकों को दिए जा रहे प्रशिक्षण ने दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशिक्षण योजना के मुताबिक कथित तौर पर कक्षा छोड़ कर शिक्षकों का प्रशिक्षण के लिए जाना अनिवार्य है। स्कूली शिक्षा विभाग ने पिछले महीने सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों के लिए अनेक ट्रेनिंग प्रोग्राम्स की घोषणा की थी जिनमें इंटीग्रेटेड कम्प्यूटर ट्रेनिंग (आईसीटी), दिव्यांग बच्चों के लिए इंटीग्रेटेड एजुकेशन (आईईडी) और स्कूल शिक्षक के लिए राष्ट्रीय पहल समेत अन्य प्रशिक्षण प्रोग्राम शामिल है।

स्कूल शिक्षा निदेशालय के एक अधिकारी ने बताया कि शिक्षकों के लिए सभी प्रशिक्षण प्रोग्राम अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रशिक्षण प्रोग्राम का समय एक सप्ताह तक निर्धारित है। उन्होंने कहा कि सप्ताह में तीन दिन चलने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षक अपनी पसंद के प्रोग्राम में शामिल हो सकते हैं। दसवीं कक्षा के शिक्षकों समेत ३० हजार से अधिक शिक्षक प्रशिक्षण प्रोग्राम में शामिल हो रहे हैं।

तमिलनाडु शिक्षक संघ के अध्यक्ष पी.के. इल्लमरन ने बताया कि सप्ताह में तीन दिन ट्रेनिंग प्रोग्राम में जाने की वजह से शिक्षक सप्ताह में तीन दिन ही स्कूल जाकर कक्षा ले पा रहे हैं। मेरे स्कूल में भी कई शिक्षक कक्षा नहीं ले पा रहे हैं। इससे दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों की चिंता बढ़ रही है क्योंकि अगले महीने ही उनकी बोर्ड परीक्षा होने वाली है। राज्य सरकार से विद्यार्थियों के भलाई को देखते हुए तत्काल ट्रेनिंग प्रोग्राम रद्द करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा वर्तमान में ८० हजार से अधिक शिक्षक दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों की कक्षाएं लेते हैं लेकिन प्रोग्राम की वजह से ४० हजार शिक्षक भी कक्षा नहीं ले पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम जरूरी है लेकिन यह शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत में आयोजित करना चाहिए। अभिभावकों को उनके बच्चों की पढ़ाई को लेकर काफी चिंता हो रही है। इसी बीच कांचीपुरम जिला अभिभावक शिक्षक संघ के उपसचिव एस. परनदामन ने बताया कि बोर्ड परीक्षा नजदीक आ रही है जिसे देखते हुए सरकार को इस तरह के ट्रेनिंग प्रोग्राम तत्काल रोक देने चाहिए।

MAGAN DARMOLA
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