सरकार को मिला चार सप्ताह का समय

सरकार को मिला चार सप्ताह का समय
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Mukesh Kumar Sharma | Updated: 03 Oct 2016, 11:25:00 PM (IST) Chennai, Tamil Nadu, India

मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को तमिलनाडु प्राइवेट स्कूल शुल्क निर्धारण समिति के चेयरमैन की नियुक्ति के लिए

चेन्नई।मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को तमिलनाडु प्राइवेट स्कूल शुल्क निर्धारण समिति के चेयरमैन की नियुक्ति के लिए राज्य सरकार को चार सप्ताह का समय दिया। यह पद पिछले नौ महीने से खाली पड़ा है। मदुरै के बी.कार्ति ने इस मामले में एक जनहित याचिका दायर की थी।

याचिका में उन्होंने सरकार को चेयरमैन की नियुक्ति के लिए निर्देश देने की मांग की थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि इस समिति को राज्य के 12,000 स्कूलों के शुल्क का निर्धारण करना है। इसमें नर्सरी, प्राइमरी, मैट्रिकुलेशन तथा एंग्लो इंडियन स्कूल शामिल हैं। समिति के पूर्व चेयरमैन जस्टिस एस.आर.ङ्क्षसगारावेलू के दिसम्बर में सेवानिवृत्त होने के बाद अबतक इस पद पर नियुक्ति नहीं की गई है। राज्य सरकार ने इस रिक्त पद को भरने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।

चेयरमैन की नियुक्ति न होने से बहुत से निजी स्कूल विद्यार्थियों से शैक्षणिक वर्ष 2016-17 के लिए अधिक शुल्क की वसूली कर रहे हैं। ऐसे में तत्काल इस पद पर नियुक्ति की जानी जरूरी है। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि सरकार इस पद पर नियुक्ति करने के लिए कदम उठा रही है। हालांकि कुछ वर्तमान परिस्थितियों के कारण इस काम में देरी हो रही है।

याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश संजय किशन कौल की खंडपीठ ने कहा कि यह वर्तमान परिस्थिति क्या है, इस पर महाधिवक्ता चुप रहे। इसके बाद खंडपीढ़ ने सरकार को इस काम को पूरा करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया।


हाईकोर्ट ने मुआवजे की रकम घटाई

चेन्नई. मद्रास हाईकोर्ट ने मोटर एक्सीडेंट्स क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा एक इंजीनियर के परिवार को दिए जाने वाले मुआवजे की रकम को कम किया है। कोर्ट ने मुआवजे की राशि 2.17 करोड़ से घटाकर 1.53 करोड़ रुपए कर दिया है। 35 वर्षीय इंजीनियर डी.जगदीशन की होसूर कृष्णगिरि राष्ट्रीय राजमार्ग पर 4 अप्रेल 2012 को हुई एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। हाईकोर्ट एक खंडपीठ ने न्यू इंडिया एश्यूरेंस कंपनी की अपील पर आदेश देते हुए मुआवजे की रकम में कमी की। जगदीशन टेक महिन्द्रा बेंगलुरू में नौकरी करते थे। वे मारुति वैगन आर चला रहे थे।

उनकी कार ट्रैक्टर से जा टकराई थी। उनकी पत्नी और दो बच्चे तथा माता पिता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। इन लोगों ने कृष्णगिरि जिला जज के यहां याचिका दायर की। याचिका में 5 करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की   गई थी। मोटर एक्सीडेंट्स क्लेम ट्रिब्यूनल ने 2.17 करोड़ रुपए के मुआवजे देने का आदेश दिया। इस आदेश को बीमा कंपनी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने मुआवजे की रकम 1.53 करोड़ रुपए कर दिया। न्यायाधीशों ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह ब्याज के साथ इस राशि को 8 सप्ताह में भुगतान करें।
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