एआईएडीएमके के 18 बागी विधायकों के मामले में तीसरे जज ने शुरू की सुनवाई

मामले में खंडित फैसले के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश एम. सत्यनारायण को एआईएडीएमके के बागी विधायकों द्वारा उनकी अयोग्यता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए तीसरा जज नियुक्त किया है

By: Ritesh Ranjan

Published: 24 Jul 2018, 04:52 PM IST

चेन्नई. एआईएडीएमके के १८ बागी विधायकों को अयोग्य घोषित किए जाने के मामले में सोमवार को मद्रास हाईकोर्ट में तीसरे जज ने सुनवाई शुरू कर दी। मामले की सुनवाई संभवत: अगले सोमवार तक चलेगी। इस मामले में खंडित फैसले के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश एम. सत्यनारायण को एआईएडीएमके के बागी विधायकों द्वारा उनकी अयोग्यता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने के लिए बतौर तीसरा जज नियुक्त किया है।

इन विधायकों को विधानसभा स्पीकर पी. धनपाल ने अयोग्य ठहरा दिया था। गौरतलब है कि इस मामले में १४ जून को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने खंडित आदेश दिया था। मद्रास हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश इंदिरा बनर्जी ने स्पीकर के फैसले को सही बताते हुए उसे बरकरार रखा तो न्यायाधीश एम. सुंदर ने इससे इतर अपनी राय रखी।

तीसरे जज का आदेश आने तक विधानसभा में बहुमत साबित करने की जांच नहीं होगी और न ही इन १८ विधानसभा सीटोंं पर चुनाव होगा। इंदिरा बनर्जी ने कहा कि कोर्ट विधानसभा स्पीकर के फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। स्पीकर ने इस अयोग्यता के पीछे अपने कारण दिए हैं और कोर्ट को ऐसे मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई हक नहीं है।

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पुलिस उपनिरीक्षक इलयराजा का निलंबन आदेश जारी

चेन्नई. महानगर पुलिस आयुक्त ए. के. विश्वनाथन ने सोमवार को २२ वर्षीय कॉलेज छात्र की पिटाई करने के मामले में चेटपेट पुलिस थाने के उपनिरीक्षक एम. एच. इलयराजा का निलंबन आदेश जारी कर दिया। कॉलेज छात्र को पीटने का मामला सामने आने के बाद आला अधिकारियों ने शनिवार को इलयराजा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश दे दिया था। पुलिस आयुक्त ए. के. विश्वनाथन ने सोमवार को पीडि़त छात्र मोहम्मद हारून सैथ के घर जाकर मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछी।

यह था मामला

१९ जुलाई को मोहम्मद हारून और अपने दोस्त के साथ शादी समारोह में हिस्सा लेकर बाइक से घर लौट रहा था।
रात करीब ११.३० बजे चेटपेट में स्पुरटैंक रोड पर पुलिसकर्मियों ने उसे रोका और बाइक के दस्तावेज मांगे लेकिन बाइक चलाने वाले युवक के पास लाइसेंस नहीं था। सैथ ने अपना लाइसेंस और अन्य दस्तावेज दिखा दिए लेकिन टीम का नेतृत्व कर रहे इलयराजा ने ऑरिजनल दस्तावेज मांगे। वह मौजूद नहीं होने पर इलयराज ने उनसे रिश्वत मांगी तो उन्होंने देने से इंकार कर दिया।
कहासुनी के बाद इलयराजा ने सैथ को थप्पड़ मार दिया और लाठी से पीटा जिससे उसके हाथ में फ्रैक्चर हो गया। सैथ ने पुलिस उपनिरीक्षक द्वारा पीटे जाने की घटना सोशल मीडिया पर डाल दिया था।

मूल दस्तावेज नहीं मिलने पर मांगी थी रिश्वत
पुलिस आयुक्त ने दिया निलंबन आदेश
Ritesh Ranjan Reporting
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