वो हैं किस्मत के धनी बेटी जिन्हें मिलती है...

बेटी, पिता और मां पर अपनी अमिट छाप छोडऩे वाले अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों के युवा संचालक एवं मुख्य अतिथि प्रशांत अग्रवाल को...

चेन्नई।बेटी, पिता और मां पर अपनी अमिट छाप छोडऩे वाले अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों के युवा संचालक एवं मुख्य अतिथि प्रशांत अग्रवाल को खूब सुना व सराहा गया। किलपाक में कोला सरस्वती स्कूल के सभागार में आयोजित इस काव्य संध्या में श्रोताओं ने काव्य फुहार का आनन्द लिया। होली के अवसर पर सभी श्रोताओं को गुलाल का टीका लगाकर ठंडाई से स्वागत कर कार्यक्रम का आरम्भ किया गया।


अनुभूति की रेखा राय, शकुन्तला मालपानी, प्रहलाद श्रीमाली, दिलीप चंचल, महेश नक्श, मोहिनी चौरडिय़ा, मीठू मिठास, ओमपाल शर्मा, रमेश गुप्त नीरद, तेजराज गहलोत, एवं माहेश्वरी महिला मंडल की सदस्य वर्षा मूंदड़ा व प्रेमलता टावरी ने विविध विषयों पर काव्य पाठ किया। राष्ट्रभावना की कविता व होली पर हास्य की कविताओं का बोलबाला रहा। संचालन प्रशांत अग्रवाल एवं धन्यवाद ज्ञापन महासचिव गोविन्द मूंंदड़ा ने दिया।

कविताओं में गूंजा राष्ट्रवाद व आतंकवाद

हर माह की तरह दूसरे रविवार को चेन्नई के साहुकारपेट में स्थित आरएसएस कार्यालय में कवि कुटुम्ब ने दो सौ बीसवीं गोष्ठी का आयोजन किया। प्रभु की प्रार्थना के बाद पधारे कवियों की रचनायें राष्ट्रवाद,आतंकवाद, अलगाववाद पर आधारित रहीं।

हिंदुस्तान की सराहना और पाकिस्तान की आलोचना के साथ साथ उन फौजी भाइयों की शहादत की इबादत में तारीफों के फूल बरसाए गए जिन्होंने वतन की आन, बान, शानकी खातिर हँसते हुए जयहिंद का नारा लगाकर सीने पर गोलियाँ झेलीं। गोष्ठी में प्रदीप साबूअक्षत, मनोहरमल महक, उमेश शर्मा, उमंग, अशोक मोदी, अनिल मोदी, डॉ सुरेश सिंघवी, गौरव प्रियंक, विकास गोस्वामी, जितेंद्र खेमका, प्रहलाद श्रीमाली, दिलीप चंचल, तेजराज गहलोत, गणपतलाल ओझा, शशिलेंद्र कुमार गुप्ता, दशरथराम, भानाराम, कल्पेशराम, जीवन चौधरी ने गीत, गज़ल, मुक्तक और हास्य व्यंग्य के माध्यम से रचनाएं प्रस्तुत की।
अंत में आभार प्रकट करते हुए संयोजक संचालक जवाहर लाल मधुकर ने आगामी अगस्त में 225वीं गोष्ठी को विशेष स्तर पर मनाने का सुझाव दिया।

मुकेश शर्मा Reporting
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