ग्रामीण क्षेत्र के विकास से ही देश का विकास संभव

ग्रामीण क्षेत्र के विकास से ही देश का विकास संभव
ग्रामीण क्षेत्र के विकास से ही देश का विकास संभव

Dhannalal Sharma | Publish: Oct, 11 2019 08:57:15 PM (IST) Chennai, Chennai, Tamil Nadu, India

25 वर्षो से देश की अर्थव्यवस्था (Economics of Country) बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण देश में टेक्नोलॉजी (Technology in Country) , अनुसंधान एवं विज्ञान का विकास है।

वेलूर. यहां काटपाडी स्थित वीआईटी विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिता ग्राविटास-19 का आयोजन किया गया है। इस प्रतियोगिता का शुक्रवार को मुख्य अतिथि प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव आर. सुबरमण्यम, विशेष अतिथि कर्नाटक के एवीपी सोसायटी जनरल बाबूराम राजेंद्रन एवं आटो डेस्क इंडिया के अध्यक्ष दीपाकंर भट्टाचार्य ने वीआईटी के कुलपति जी. विश्वनाथ के साथ दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किए।

नए शोध के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करें विद्यार्थी
इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते विवि के कुलपति जी.विश्वनाथन ने कहा टेक्नोलॉजी एवं नए अनुसंधान के जरिए देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होने के साथ साथ रोजगार में भी वृद्धि होगी। 25 वर्षो से देश की अर्थव्यवस्था बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण देश में टेक्नोलॉजी, अनुसंधान एवं विज्ञान का विकास है।

विकास के लिए कृषि क्षेत्र की मजबूती होगा
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी कहा था कि गांवों में ही भारत बसा है। ग्रामीण क्षेत्र के विकास से ही देश का विकास संभव है। विकास को तेज करने के ेलिए कृषि क्षेत्र को मजबूत करना होगा। युवाओं को टेक्नोलॉजी व अनुसंधान के जरिए कृषि के क्षेत्र में उपयोग होने वाली नई तकनीकों की खोज करनी होगी।

प्रतियोगिता में शामिल हैं अनेक प्रोडक्ट
इस तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिता की मुख्य थीम ट्रांसफर टू टेक्नोलॉजी है। प्रतियोगिता में मेक इन इंडिया, डिजीटल इंडिया, क्लीन इंडिया एवं जल शक्ति अभियान जैसे विषयों पर विद्यार्थी अपने प्रोडक्ट व शोध शामिल करेंगे। प्रतियोगिता में देश के 25 राज्यों समेत आठ देशों के कालेज व विश्वविद्यालयों से छात्र एवं छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं। विशेष अतिथि दीपाकंर भट्टाचार्ज ने ग्रीविटास-19 स्मारिका जारी की। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं जल संरक्षण पर किए नए आविष्कारों के लिए दो अन्वेषकों को टैलेन्ट अवार्ड दिया गया। वीआईटी के उपकुलपति सामवेल, उपाध्यक्ष शेखर विश्वनाथन, कार्यकरणी निदेशक संध्या पेन्टा रेड्डी ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

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