Tamilnadu तीन दिवसीय फ्लेमिंगो फेस्टिवल शुरू

फेस्टिवल (fastival) के दौरान लोगों के आकर्षण (attraction) के लिए विशेष मनोरंजन कार्यक्रमों (programme) का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा खान-पान, झूले एवं अन्य प्रकार के कार्यक्रम आयोजित (organise) होते हैं जिनका लोग आनंद लेते हैं।

By: Dhannalal Sharma

Published: 03 Jan 2020, 05:03 PM IST

नेल्लोर. यहां स्थित नेलापïट्टु स्थित पुलिकॉट झील इन दिनों प्रवासी पक्षियों की चहल-पहल बढ़ गई है। यहां का वातावरण ठंडा एवं सामान्य होने के कारण हर साल नवम्बर का महीना शुरू होते ही हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर अनेक प्रजापतियों के प्रवासी पक्षी पुलिकॉट झील पहुंचते हैं और फरवरी तक प्रवास करते हैं। इस दौरान यहां ये बच्चों को जन्म देते हैं।

पुलिकॉट झील पर प्रवासी पक्षियों के स्वागत में
इन पक्षियों के स्वागत में आंध्रप्रदेश सरकार की ओर से हर साल तीन दिवसीय फ्लेमिंग फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है। इस बार इसकी शुरुआत तीन जनवरी को होगी और यह फेस्टिवल रविवार तक चलेगा। इन तीन दिवसीय फेस्टिवल के दौरान लोगों के आकर्षण के लिए विशेष मनोरंजन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा खान-पान, झूले एवं अन्य प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होते हैं जिनका लोग आनंद लेते हैं। इस विशाल झील में जमा विदेशी प्रवासी पक्षियों का नजारा देखने के लिए न केवल आंध्रप्रदेश बल्कि अनेक राज्यों से लोग पहुंचते हैं।

प्रजनन करने वाले प्रवासी
ये चार माह इन प्रवासी पक्षियों के प्रजनन के लिए उचित हैं। इन पक्षियों में स्पॉट-बिल्ड पेलिकॉन, ओपन बिल्लेड स्ट्रोक, वाइट इबिस, लिटिल क्रोमोरांट, स्पून बिल, इंडियन शैग और डाब चिक आदि शामिल हैं। इसके अलावा घूमने वाले प्रवासी पक्षियों में ग्रे हेरॉन, नाइट हेरॉन, लार्ज कोर्मोरेंट, लिटिल-लार्ज-कैटल इग्रेट, पोंड हेरॉन, ब्लैक इबिस, कॉमन टील, शोवलर, पिनटेल, गड़वाल, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, कूट, स्पॉट बिल्ड डक और कोयल, वाइट ब्रेस्टेड वाटर हेन, ब्लैक विंग्ड सिल्ट व कॉमन हवाक कुकू आदि शामिल हैं। राजहंस, डार्टर, इंडियन ग्रे हेरॉन, ब्राउन हेडेड गुल्ल, ब्लैक हेड गुल्ल, पेंटेड स्ट्रोक, पर्पल बमपेड सुन बर्ड दुर्लभ पक्षियों की श्रेणी में आते हैं।

Dhannalal Sharma
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